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Kumbh Mela 2019: जानें क्यों मनाया जाता है कुंभ, क्या है धार्मिक महत्व

Kumbh Mela 2019: जानें क्यों मनाया जाता है कुंभ, क्या है धार्मिक महत्व

कुंभ 12 साल में एक बार आता है, जिसका आयोजन भारत के चार प्राचीन शहरों हरिद्वार, नासिक, प्रयागराज और उज्जैन में होता है. हरिद्वार में गंगा, उज्जैन में शिप्रा, नासिक में गोदावरी और प्रयागराज में संगम के पवित्र जल में कुंभ के स्नान और पूजा-अर्चना का सबसे बड़ा मौका होता है. मान्यता है कि कुंभ के मेले में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है. समुद्र के मंथन से निकले अमृत को पाने के लिए देवताओं और राक्षसों में 12 वर्षों तक युद्ध चला. इस युद्ध के दौरान कलश में से जिन स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरीं वहां पर कुंभ मेला आयोजित किया जाता है. 12 वर्षों तक युद्ध चलने के कारण ही कुंभ हर 12 वर्ष में एक बार आता है.

It wasn dawn yet when devotees took their first holy dips in the ice-cold waters of the Ganga and the Yamuna in Prayagraj on Tuesday. The ghats at the Sangam, the confluence of these two rivers and a third, the mystical Saraswati were adorned in colourful light. Crores of people are expected to take part in this year Kumbh Mela. The Shahi Snana is considered to be one of its most important parts. The Kumbh Mela has begun on Makar Sankranti and it ends on March 4, on the occasion of Maha Shivratri. In total, the Mela will last 50 days.

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