केदारनाथ त्रासदी का वह भयावह मंजर जिसने भी देखा, वह शायद ही उसे कभी भुला पाए. उस भयानक त्रासदी में कितने लोगों की जीवनलीला खत्म हो गई, इसका कोई सही-सही अनुमान अब तक नहीं लग पाया है. लेकिन कहते है ना उम्मीद पर दुनिया कायम है, कुछ ऐसी ही उम्मीद विजेंदर कंवर अपनी पत्नी लीला के लिए संजोये बैठे थे. आखिरकार उनकी उम्मीदों को पंख लगे और उस भीषण त्रासदी के करीब 18 महीने बाद विजेंदर को उनकी पत्नी लीला मिल गई.
kedarnath alwar man found his wife after 18 months