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कहानी देशभक्ति के तरानों की: वह दौर जब लिखे गए 'ऐ मेरे वतन के लोगों' जैसे गीत

कहानी देशभक्ति के तरानों की: वह दौर जब लिखे गए 'ऐ मेरे वतन के लोगों' जैसे गीत

ये कहानी शुरू हुई थी आजादी के बाद, हिंदुस्तान के नए दौर के साथ. 1960 के दशक में देश के सामने अनेक चुनौतियां थीं. इसका असर फिल्मों पर भी पड़ा. लिहाजा देश और आजादी पर गुमान करने वाले गीतों के बोल भी बदल गए. यह वही दौर था जब लिखा गया ऐ मेरे वतन के लोगों. देखिए हमारी खास पेशकश, कहानी देशभक्ती के तरानों की.

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