सरकारें वक्त से पहले जागती नहीं. प्रशासन को वक्त से पहले होश आता नहीं. नतीजा देश के सामने है ब्लैक आउट का बड़ा खतरा. हलांकि देश को इस संकट से बचाने की मुहिम शुरु हो गई है, लेकिन बड़ा सवाल यह कि हफ्ते भर में क्या 50 से ज्यादा पॉवर प्लांट्स को कोयले की सप्लाई दुरुस्त की जा सकेगी?