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रण में ढाल लेकर आमने-सामने 'योद्धा', एक-दूसरे पर बरसाए आग के शोले

इंदौर के पास गौतमपुरा गांव में सोमवार को हर साल की तरह इस बार भी हिंगोट युद्ध का आयोजन हुआ. सालों से चली आ रही परंपरा के तहत दिवाली के अगले लोग हिंगोट यानी अग्नियुद्ध खेलने उतरे थे. आग के गोले से खेला जाने वाला ये युद्ध हिंगोट है. दिवाली के अगले दिन इंदौर से करीब साठ किलोमीटर दूर गौतमपुरा गांव में हर साल में परंपरागत तौर पर हिंगोट युद्ध होता है. गौतमपुरा के इस मैदान पर रुण्जी के तुर्रा और गौतमपुरा गांव के कलगी के नाम से मशहूर योद्धा सैंकड़ों की तादाद में इस हिंगोट युद्ध में शरीक होते हैं. बताया जाता है कि मराठा सेना ने इसी हिंगोट के जरिए औरंगजेब की सेना के दांत खट्टे किए थे. उसी की याद में हर साल दिवाली के अगले रोज ये परंपरा निभाई जाती है. कहीं कोई अनहोनी ना हो जाए इस बात का पूरा ख्याल रखा जाता है. एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम पूरे वक्त यहां मौजूद रहती है, लेकिन तमाम एहतियातों के बावजूद हिंगोट के दौरान 35 लोग जख्मी हो गए. वीडियो देखें.  

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