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राष्ट्रवाद किसी धर्म और भाषा में नहीं बंटा: प्रणब मुखर्जी

राष्ट्रवाद किसी धर्म और भाषा में नहीं बंटा: प्रणब मुखर्जी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय वर्ष शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का भाषण अपने आप में बेहद खास रहा. खास इसलिए क्योंकि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां इसे अपने विचार की जीत और दूसरे को दी गई नसीहत बता रही हैं.

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