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अयोध्या केस: फैसले के आखिरी 115 पन्नों में जानें राम का भेद

अयोध्या केस: फैसले के आखिरी 115 पन्नों में जानें राम का भेद

अयोध्या पर फैसले को सभी ने खुले मन से माना है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने हर पक्ष और हर दलील को बारीकी से सुनकर मैराथन सुनवाई करके फैसला दिया है. 1045 पन्नों में देश के सबसे बड़े विवाद और सबसे बड़े मुकदमे का फैसला लिखा गया. लेकिन इस फैसले में आखिरी के 115 पन्ने बहुत दिलचस्प हैं. ये पन्ने पांच जजों में से किसी एक जज ने लिखे, जिनका नाम तो नहीं दिया गया लेकिन इन 115 पन्नों में अलग से ये बताया गया है कि क्या हिंदू मान्यता के मुताबिक विवादित ज़मीन पर भगवान राम का पवित्र जन्मस्थान ही है. देखें ये रिपोर्ट.

The Supreme Court on Saturday pronounced its judgment in the Ayodhya land dispute case clearing the way for construction of a Ram temple. Know more about the presence of a 115-page addendum attached to the 1045-page long verdict which also explains why the disputed land is the birth place of Lord Ram as per the faith and belief of Hindus.

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