11 अगस्त 2008 को अभिनव बिंद्रा ने अचूक निशाना साधा और इतनी बड़ी आबादी वाले देश के लिए ओलंपिक में पहला इंडिविजुअल गोल्ड मेडल जीता. चार साल बीत गए लेकिन उस पल के बारे में सोचकर आज भी हम सबका सीना गर्व से फूल जाता है. जब ये पल हम सबके लिए इतना खास है, तो खुद अभिनव के लिए कितना ख़ास रहा होगा. सुनिए उन्हीं की ज़ुबानी.