दिल्ली में काम करने वाले 80 फीसदी घरेलू नौकर बाहर से आते हैं और इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात ये कि इनमें से बहुत कम का रिकॉर्ड पुलिस के पास होता है. ये हाल तब है जबकि आए दिन राजधानी में ऐसी वारदात होती है, जिसमें शक के घेरे में नौकर ही होते हैं.