गांधीवादी अन्ना हज़ारे ने समाज के सदस्यों द्वारा लोकपाल के रूप में समानांतर सरकार बनाने की कोशिश करने के सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए सवाल किया कि उच्चतम न्यायालय, चुनाव आयोग और केंद्रीय सूचना आयोग के स्वतंत्र और स्वायत्त होने के मायने क्या देश में समानांतर सरकार चलना है.