वोट मांगने या शोक जताने के लिए नेताओं को घड़ियाली आंसू बहाते आपने देखा होगा. लेकिन दिल्ली नगर निगम के एक पार्षद जिस तरह सदन में रोए, और जिस वजह से रोए, उसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे और समझ पाएंगे कि अफ़सरशाही के आगे जब नेता लाचार हैं तो आम जनता की भला क्या बिसात.