26 जनवरी का महत्व सिर्फ इतना नहीं है कि देश की आजादी के बाद इस दिन भारतीय संविधान प्रभावी हुआ था. 26 जनवरी का महत्व 1950 से पहले ही स्थापित हो गया था. इस तारीख को आधुनिक भारत के इतिहास में विशेष दिन के रूप में चिह्नित किया गया था.1955 में लाल किले के दीवान-ए-आम में गणतंत्र दिवस पर मुशायरे की परंपरा शुरू हुई.31 दिसबर, 1929 को कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन यह घोषणा की गई कि 26 जनवरी 1930 को सभी भारतीय पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाए यानी पूरी आजादी. इस अधिवेशन की अध्यक्षता पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी.