scorecardresearch
 

उत्तराखंड: रुड़की में ऑक्सीजन खत्म होने से 5 कोरोना मरीजों की मौत, जांच के आदेश

रुड़की के एक अस्पताल में करीब 80 कोरोना मरीज भर्ती थे, जिसमें से कई लोग ऑक्सीजन पर थे. सोमवार रात करीब 12:30 बजे डॉक्टरों द्वारा मरीजों के तीमारदारों को बताया गया कि अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने वाली है और वह लोग अपने मरीजों को कहीं और ले जाएं, जहां ऑक्सीजन की व्यवस्था हो.

कोविड हॉस्पिटल (सांकेतिक फ़ोटो- पीटीआई) कोविड हॉस्पिटल (सांकेतिक फ़ोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उत्तराखंड में कोरोना का कहर जारी
  • रुड़की के अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से 5 की मौत
  • डीएम ने दिए जांच के आदेश

कोरोना संकट के बीच उत्तराखंड के रुड़की के एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से पांच कोविड संक्रमितों ने दम तोड़ दिया. अब इस मामले में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच बिठा दी है. वहीं, अस्पताल की ओर से मरीजों के तीमारदारों को बताया गया कि उन्हें मिलने वाला ऑक्सीजन का कोटा सरकार की ओर से आधा कर दिया गया है.

आपको बता दें कि रुड़की के विनय विशाल अस्पताल में करीब 80 कोरोना मरीज भर्ती थे, जिसमें से कई लोग ऑक्सीजन पर थे. सोमवार रात करीब 12:30 बजे डॉक्टरों द्वारा मरीजों के तीमारदारों को बताया गया कि अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने वाली है और वह लोग अपने मरीजों को कहीं और ले जाएं, जहां ऑक्सीजन की व्यवस्था हो. 

अस्पताल की ओर से यह सुनकर परिजनों में अफरातफरी मच गई और उन्होंने अपने स्तर से भी भागदौड़ शुरू कर दी. जानकारी के मुताबिक, रात करीब 2 बजे ऑक्सीजन खत्म हुई तो कुछ लोगों के प्रयास से छोटे ऑक्सीजन सिलेंडरों का इंतजाम अस्पताल प्रबंधन ने किया और मरीजों को ऑक्सीजन देने का प्रयास किया. लेकिन रात करीब 3 बजे तक यह ऑक्सीजन भी समाप्त हो गई. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन भी ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं कर पाया. 

हालांकि, कुछ मरीजों की मानें तो अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटा रहा. सुबह 5 बजे ऑक्सीजन का इंतजाम हो पाया और मरीजों को ऑक्सीजन मिली. लेकिन इस बीच 5 लोगों की मौत हो गई. 

अस्पताल की ओर से मरीजों के तीमारदारों को बताया गया कि उन्हें मिलने वाला ऑक्सीजन का कोटा सरकार की ओर से आधा कर दिया गया है. हालांकि, अस्पताल प्रबंधन से इस बारे में जानकारी के लिए सुबह से लगातार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नही उठाया. 

गौरतलब है कि रुड़की के विनय विशाल अस्पताल में इससे पहले भी यहां कोरोना के मरीज की मौत हो जाने से परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया था. 

सोमवार की घटना के बाद मृतक के कुछ परिजनों से आजतक से बात की और बताया कि सोमवार की रात अस्पताल में ऑक्सीजन को लेकर अफरातफरी मची थी. लेकिन हमें कुछ नहीं बताया गया, जिसके चलते हमारा अपना अब इस दुनिया में नहीं रहा. परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के चलते लोगों की मौत हुई है. जिसकी शिकायत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से की गई है.

परिजनों का कहना है कि विनय विशाल अस्पताल में मरीज से एक दिन के 20 से 25 हजार वसूले जा रहे हैं, बावजूद इसके अस्पताल में हद से ज़्यादा लापरवाही बरती जा रही है. मामले में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने बताया कि मामला गंभीर है, मजिस्ट्रियल जांच बिठा दी गई है. पैनल में प्रशासन के अलावा मेडिकल एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया है. 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें