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उत्तराखंड के 13 जिलों के जंगलों में एक साथ आग से हड़कंप, 500 गांवों को बचाने में जुटे NDRF के 135 जवान

उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग को रोकने के लिए शनिवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तीन टीमों को भेजा गया है. आग से चमौली सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. आग सैकड़ों हेक्टेयर जंगली इलाके में फैल चुकी है.

उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग

उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग को बुझाने के लिए अब हेलीकॉप्टर से पानी गिराया जाएगा. यह ऑपरेशन रविवार सुबह शुरू हो जाएगा. इसकी तैयारी शनिवार शाम से ही शुरू हो गई थी.

मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी उत्तराखंड के राज्यपाल केके पॉल से बातचीत की. साथ ही हरसंभव मदद का भरोसा दिया. राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर यह जानकारी दी.

उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग को रोकने के लिए शनिवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तीन टीमों को भेजा गया है. आग से चमोली सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. आग सैकड़ों हेक्टेयर जंगली इलाके में फैल चुकी है.

150 कर्मियों की एनडीआरएफ की तीन टीमों को उत्तराखंड के जंगलों में आग को नियंत्रित करने के लिए तैनात किया गया है. ऑपरेशन शुरू हो गया है. एनडीआरएफ की टीमें पानी के टैंकरों, अस्थायी पंप और चिकित्सा सेटअप से लैस हैं. दिल्ली से 2, जबकि देहरादून से 1 एनडीआरएफ की पहुंची है. आग से सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं. आग ने फरवरी के बाद से 13 जिलों की 1900 हेक्टेयर भूमि को नष्ट कर दिया है.

कहां कितना नुकसान
शुष्क मौसम, उच्च तापमान, और हवा के कारण आग का प्रसार हो रहा है. आग से 10 जिले प्रभावित हुए हैं. आग की वजह से रुद्रप्रयाग के 82 गांव प्रभावित हैं. जंगल का करीब 70 हेक्टेयर इलाके में आग फैली है. जिससे यहां की 42 हजार की आबादी प्रभावित है. वहीं चमोली में भी जंगल की आग से करीब 200 गांव प्रभावित हैं. 200 हेक्टेयर जंगल का इलाका प्रभावित है. जबकि उत्तरकाशी में 72 गांव जंगल की आग से प्रभावित हैं. 42 हेक्टेयर जंगल आग की लपटों की चपेट में है. जबकि टिहरी के 35 गांव आग से प्रभावित हैं. जबकि पौड़ी इलाके में जंगल का 704 हेक्टेयर का इलाका आग की चपेट में है.

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