अध्यात्म जगत के बड़े नामों में शुमार स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया. वे 87 साल के थे. सत्यमित्रानंद गिरि महाराज भारत माता जनहित न्यास के प्रमुख थे, पिछले कुछ दिनों से वे बीमार चल रहे थे. आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने बताया कि हरिद्वार के राघव कुटीर में बुधवार को उन्हें समाधि दी जाएगी. सत्यमित्रानंद गिरि के निधन पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शोक जताया है.
बाबा रामदेव ने भी उनके निधन पर दुख जताया है. उन्होंने लिखा है कि अध्यात्म, धर्म, राष्ट्र धर्म और समन्वय के लिए वे सदा हमारे आदर्श रहेंगे. एम वेंकैया नायडू ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरिजी महाराज के निधन की खबर सुनकर उन्हें गहरा दुख हुआ है, उन्होंने हरिद्वार में भारत माता मंदिर की स्थापना की थी. उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक गुरु ने समाज को अमूल्य सेवाएं दीं और मुफ्त शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराकर आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों के गरीब लोगों की सेवा के लिए समन्वय सेवा फाउंडेशन की स्थापना की.
आज शाम को पूज्य स्वामी #सत्यमित्रानंदगिरि जी महाराज के महासमाधिस्थ होने पर उनके दर्शन किए।
अध्यात्मधर्म,राष्ट्रधर्म व समन्वय के लिए वे सदा हमारे आदर्श रहेंगे। pic.twitter.com/a4ux2IR270
— Swami Ramdev (@yogrishiramdev) June 25, 2019
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्यमित्रानंद महाराज के साथ अपनी पुरानी तस्वीर डालते हुए ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, "परम पूज्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के निधन की खबर से बहुत दुःख हुआ. वे सच्चे पथ-प्रदर्शक, गहन तपस्वी होने के साथ ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक थे. मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनका आशीर्वाद मिला. उनका जीवन हमें नि:स्वार्थ भाव से समाज सेवा की प्रेरणा देता है.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज मां भारती के एक सच्चे उपासक थे, हरिद्वार का भारत माता मंदिर जिसका परिचायक है. उनके विचार, ज्ञान और दर्शन आने वाली पीढ़ियों को धर्म और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे. मैं उनके अनुयायियों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं.