उत्तराखंड के राज्यपाल के सामने अपना पक्ष रखने के लिए कांग्रेस के बागी विधायक शनिवार को देहरादून पहुंचे. बागी विधायक सुबोध उनियाल ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा.
सरकार ने नैतिक अधिकार खोया: सुबोध
सुबोध उनियाल ने पत्रकारों से बातचीत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूरे देश ने देखा की 35 विधायकों ने सदन के अंदर मनी बिल को डिफीट किया, जिसमें कुल 68 विधायक थे. पूरा देश देख रहा था की जिस हाउस में 68 विधायक उपस्थित हों उसमें से 35 मनी बिल के खिलाफ चले गए तो सरकार को बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं था.
उन्होंने कहा कि अगर हमने मनी बिल का उल्लंघन नहीं किया तो फिर किसी भी दल का प्रमुख हमें नोटिस कैसे दे सकता है. जिस प्रदेश में विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक पद पर होने के बाद सार्वजानिक रूप से डांस करे, उसका क्या होगा.
सरकार बदले की भावना से काम कर रही है: सुबोध
सुबोध ने कहा, 'मेरा बहुत स्पष्ट रूप से कहना है कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है, विधायकों को परेशान किया गया. उमेश शर्मा के घर पर फर्जी लोग चले गए ये कहकर की हम इनकम टैक्स के लोग हैं, जब दिल्ली से बात हुई तो पता चला की इनकम टैक्स का कोई आदमी है ही नहीं.'
राष्ट्रपति शासन की मांग
उनियाल आगे कहते हैं कि विधायकों पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं. पूरे देश ने देखा की प्रदेश का मुख्यमंत्री विधायकों की खरीद फरोख्त कर रहा है. महामहिम को उच्च राजनीतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए, जनता की भावनाओं को देखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए.