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उत्तराखंड के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चमोली में कल बंद रहेंगे स्कूल

उत्तराखंड में अगले दो घंटे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का बाकी घोषित किया गया अलर्ट 16 अगस्त तक जारी रहेगा. राज्य में तेज बारिश और भूस्खलन के कारण अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

उत्तराखंड में बारिश से तबाही (फोटो- ANI) उत्तराखंड में बारिश से तबाही (फोटो- ANI)

उत्तराखंड में अगले दो घंटे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का बाकी घोषित किया गया अलर्ट 16 अगस्त तक जारी रहेगा. चमोली में मंगलवार (13 अगस्त) को जिले में भारी बारिश के चलते सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है. राज्य में तेज बारिश और भूस्खलन के कारण अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

चमोली में सोमवार सुबह बादल फटने से 6 लोगों की मौत हो गई. जिले के घाट ब्लॉक में भारी बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है. घाट ब्लॉक के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तहसील प्रशासन और आपदा विभाग की टीमों ने राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया है. घाट बाजार में 5-6 दुकानें सैलाब में समा गईं और एक मकान नदी में समा गया. अभी तक सिर्फ चमोली में मरने वालों की तादाद 15 पहुंच चुकी है.

घाट ब्लाक में बहने वाली चुफलागाड़ नदी का जल स्तर बढ़ने से जहां घाट बाजार में व्यावसायिक भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वहीं बांजबगड़ गांव में एक आवासीय भवन के पीछे से हुए भूस्खलन के चलते मां और बेटी के मलबे में दबने से मौत हो गई. जबकि बांजबगड़ गांव के ही ओली तोक में भी एक किशोरी के मलबे में दबने से मौत हुई है. लाखी गांव में भी 3 मौतें हुई हैं, जिनके शव बरामद हो गए हैं. वहीं घाट बांजबगड़ सड़क पर गरणी गांव में पहाड़‌ी से हुए भूस्खलन के कारण दो वाहन और एक आवासीय भवन भी मलबे में दब गया है.

उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश मौत बनकर टूट रही है. रविवार को देहरादून की एक नदी में युवक बह गया था. इसके अलावा लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण राजमार्गों को भी बंद करना पड़ा. घाट में सोमवार को लगभग 5 बजे तेज बारिश हुई और बांजबगड़ के ऊपर इलाकों में बादल फटा, जिसके बाद नदी के साथ सैलाब बहकर लोगों के आशियानों और जिंदगियों को बहा कर ले गया. कुदरत के इस खौफनाक मंजर में एक मासूम भी अपनी जिंदगी गंवा बैठी.

वहीं एक घर में सो रहे परिवार के 3 लोग मलबे में दफन हो गए. कुदरत का कहर आगे बढ़ा तो उसने अपने आगोश में 21 साल की लड़की को भी ले लिया. प्रशासन और एसडीआरएफ लोगों को बचाने और राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है. लेकिन हालात फिलहाल सामान्य होते नजर नहीं आ रहे.

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