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उत्तराखंड: लॉकडाउन से परेशान व्यापारियों ने हाथ में थाली-कटोरा लेकर किया प्रदर्शन

व्यापारियों ने कहा कि हमारी दुकानें बंद करवा दी, व्यापारियों को दो भागों में बांट दिया गया. कुछ की दुकानें खुली हैं और कुछ की बंद करवा दी गई है. हम कोविड गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने के लिए तैयार हैं. हम अपने परिवार का पेट कहां से भरें.

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व्यापारियों ने भीख मांग कर किया प्रदर्शन (फोटो- आजतक)
व्यापारियों ने भीख मांग कर किया प्रदर्शन (फोटो- आजतक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • व्यापारियों ने सरकार से की राहत की मांग
  • हाथ में थाली-कटोरा लेकर किया प्रदर्शन
  • व्यापारियों ने कहा लॉकडाउन से चौपट हो गया व्यापार

हरिद्वार के व्यापारियों ने अपने ही सरकार से राहत की मांग करने के लिए हाथ में थाली-कटोरा लेकर भीख मांगते हुए प्रदर्शन किया. व्यापारियों ने सरकार से व्यापारियों को राहत देने की मांग की है. व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन से उनका व्यापार बिल्कुल चौपट हो गया है. मगर सरकार व्यापारियों के बारे में सोचने को तैयार नहीं है और जनप्रतिनिधि भी व्यापारियों के साथ खड़े नहीं हो रहे हैं. 

आखिर व्यापारी जाएं तो जाएं कहां. व्यापारियों ने हर की पौड़ी पर सांकेतिक रूप से भीख मांग कर अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया है. अभी भी अगर सुनवाई नहीं हुई तो आगे प्रदर्शन जारी रहेगा. 

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष संजय त्रिवाल का कहना है कि आज पीएम मोदी के राज में हर की पौड़ी पर संजय पुल पर भीख मांगने का कार्य किया है. मगर यहां भी हमें भीख नहीं मिलती नजर आयी. आज भी खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है. यह मोदी जी की सरकार में व्यापारियों के अच्छे दिन चल रहे हैं? सरकार कोई राहत या पैकेज नहीं दे रही है और न ही व्यापारियों की सुध ले रही है.

उन्होंने कहा कि सरकार लॉकडाउन पर लॉकडाउन लगाए जा रही है. सारे टैक्स व्यापारी देता है मगर आज जब व्यापारी के परिवार रोजगार और व्यापारी संकट में है तो सरकर व्यापारियों के साथ कहीं भी खड़ी नजर नहीं आ रही है. सरकार नहीं जागती है तो इससे भी बड़ा और बुरा आंदोलन करेंगे. क्योंकि व्यापारी तो मर चुका है. पिछले साल कोई राहत नहीं दी और न ही कोई जनप्रतिनिधि व्यापारियों की सुनने के लिए सामने आया है.

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उन्होंने कहा कि हमारी दुकानें बंद करवा दी, व्यापारियों को दो भागों में बांट दिया गया. कुछ की दुकानें खुली हैं और कुछ की बंद करवा दी गई है. हम कोविड गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने के लिए तैयार हैं. हम अपने परिवार का पेट कहां से भरें. जब तक व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिल जाती है, हमारा प्रदर्शन ही जारी रहेगा.  


 

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