
भव्यता को लेकर हरिद्वार में चल रहे कुंभ की तुलना अक्सर 2019 में प्रयागराज में हुए कुंभ से की जाती है. लेकिन दोनों में एक बड़ा फर्क ये है कि प्रयागराज में मेला क्षेत्र के लिए संगम के पास बहुत बड़ी जमीन उपलब्ध थी. वहीं हरिद्वार में सीमित क्षेत्र है. कुंभ में आए हर श्रद्धालु की इच्छा हर की पौड़ी में स्नान की रहती है. हर की पौड़ी के आसपास का इलाका तो वैसे भी छोटी-छोटी गलियों से भरा है. ऐसे में हरिद्वार कुंभ में किसी भी घटना के वक्त संकरे रास्तों से होते हुए वहां तक पहुंचना पुलिस-प्रशासन के लिए भी टेढ़ी खीर है.
अभी भी कुंभ मेला 2021 के लिए कई निर्माण कार्य जारी है. ऐसे में भीड़ भरे बाजारों में जल्दी से जल्दी पहुंचने के लिए पुलिस ने नया रास्ता निकाला है. इसमें पुलिसकर्मी जरूरत के मुताबिक संख्याबल में मौके पर जल्द पहुंच जाएंगे. ये रास्ता हरिद्वार के पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा. हरिद्वार में पुलिसकर्मियों को तंग गलियों में गश्त लगाने के लिए साइकिल मुहैया कराई जा रही है. अगर इन गलियों में कोई घटना होती है तो साइकिल स्क्वॉड के पुलिसकर्मी तत्काल वहां पहुंच कर व्यवस्था बनाने के साथ राहत या बचाव कार्य शुरू कर सकेंगे.
फिलहाल 23 साइकिल के साथ शुरू की गई है. पुलिस के पास CSR फंड से 100 साइकिलें आ रही हैं.
आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित साइकिल रैली में हिस्सा लिया. ये रैली मुख्य कुंभ पुलिस लाइन, भल्ला कॉलेज मायापुर से शुरू होकर मुख्य मेला नियंत्रण भवन पर समाप्त हुई. साइकिल रैली में आईजी कुंभ के अलावा एसपी जीआरपी मंजू नाथ टी सी, एसपी कुंभ सुरजीत पंवार, एएसपी जीआरपी मनोज कत्याल, एएसपी राजन सिंह और अन्य अधिकारी शामिल हुए.

हरिद्वार कुंभ में 11 मार्च, महाशिवरात्रि को पहला शाही स्नान संपन्न हो चुका है. तीन और शाही स्नान अगले महीने 12, 14 और 27 अप्रैल को होने हैं. पहले शाही स्नान के अनुभव के आधार पर ही अगले शाही स्नानों के लिए प्रशासन-पुलिस तैयारी कर रहे हैं. साइकिल वाले पुलिसकर्मियों का इस्तेमाल भीड़ वाली संकरी गलियों में सुगमता से लोगों के आवागमन के लिए भी किया जाएगा.
कुंभ मेले के दौरान इन साइकिलों का इस्तेमाल होने के बाद इन्हें जरूरत के हिसाब से जिलों या इकाइयों में बांट दिया जाएगा.