गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस से NDRF की 3 तीन टीमें तपोवन और देहरादून के लिए निकली हैं. इन्हें भारतीय वायुसेना के विमान सी-ग्लोबमास्टर से हिंडन एयरबेस से रवाना किया गया है. प्रशासन की कोशिश है कि NDRF की टीम को शाम से पहले घटनास्थल तक पहुंचा दिया जाए. इस टीम में 300 जवान शामिल हैं.
बता दें कि NDRF के जवान ऐसे रेस्क्यू ऑपरेशन में एक्सपर्ट होते हैं. इसके अलावा इनके पास रेस्क्यू के लिए आधुनिक औजार भी है. एयरफोर्स ने उत्तराखंड की घटना की जानकारी मिलते ही अपनी टीम को अलर्ट कर दिया था. उम्मीद है कि आज शाम तक इस टीम को तपोवन भेज दिया जाएगा, ताकि ये जवान आज से ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट जाएं.
राहत की बात यह है कि उत्तराखंड फ्लैश फ्लड में पानी के तेज बहाव का असर फिलहाल अभी सिर्फ श्रीनगर तक ही देखा जा रहा है. मैदानी इलाके जैसे ऋषिकेश और हरिद्वार में फिलहाल अभी इसके असर की कोई संभावना नहीं है.
बता दें कि इस ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा प्रोजेक्ट और तपोवन स्थित NTPC के प्रोजेक्ट को बहुत नुकसान हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक NTPC प्रोजेक्ट से अभी तक 10 शव बरामद किए गए हैं. ITBP के डीजी ने यह जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि टनल में 15-20 लोगों के फंसे होने की आशंका है. प्रोजेक्ट पर करीब 120 लोग काम कर रहे थे. ये 120 लोग ऐसे थे जिनका नाम आज की रोस्टर में शामिल था. कुछ लोग यहां बिना रोस्टर में नाम दर्ज किए काम करते हैं. बताया जा रहा है कि प्रोजेक्ट में काम करने वाले लोग तेज पानी के बहाव में बह गए.
अब NDRF की रेस्क्यू टीम के सामने तपोवन में NTPC के टनल में फंसे लोगों को निकालने की चुनौती है.