उत्तराखंड में देहरादून के कैंट इलाके में पुलिस ने कथित देह व्यापार के मामले का खुलासा किया है. पुलिस ने किशन नगर एक्सटेंशन में एक स्कूल के पीछे छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई में तीन महिलाओं को रेस्क्यू किया गया, जबकि मौके से एक कार और कुछ आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया. पुलिस के मुताबिक एसएसपी देहरादून को सूचना मिली थी कि कैंट क्षेत्र में कुछ लोग महिलाओं से देह व्यापार करवा रहे हैं. इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और कैंट थाना पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की.
तीन महिलाओं को किया गया रेस्क्यू
छापेमारी के दौरान पुलिस को स्कूल के पीछे तीन महिलाएं और एक पुरुष संदिग्ध हालत में मिले. पुलिस ने मौके से जयपुर के रहने वाले 42 साल के आशीष कुमार पांडे और 50 साल के जंग बहादुर नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं तीन महिलाओं को वहां से रेस्क्यू किया गया. पुलिस ने एक स्विफ्ट कार भी सीज की है.
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी आशीष कुमार पांडे पहले भी इसी तरह के मामले में जेल जा चुका है. पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि महिलाओं को काम दिलाने के बहाने दूसरे राज्यों से देहरादून बुलाया जाता था. बाद में उनसे कथित तौर पर देह व्यापार करवाया जाता था. दोनों आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रही है.
किराए के मकान में चल रहा था धंधा
अधिक जानकारी के लिए देहरादून पुलिस के डिप्टी एसपी स्वप्निल मुयाल से आजतक ने फोन पर बात की. उन्होंने बताया की यह मामला किशन नगर एक्सटेंशन में एक घर के पिछले भाग में सामने आया है. मुयाल ने कहा कि स्कूल अलग हिस्से में किराए पर संचालित किया जा रहा है. एक घर में दो हिस्से विभाजित हैं जिसमे पिछले हिस्से में देह व्यापार चल रहा था, हालांकि एंट्री एक ही है. इसका स्कूल प्रबंधन से फिलहाल कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है. पुलिस अब मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है कि संवेदनशील संस्थान होने के बावजूद बिना पूरी जांच-पड़ताल के संपत्ति किराए पर कैसे दी गई.
मुयाल के अनुसार जिस हिस्से में देह व्यापार गतिविधियां चल रही थीं, उसे सील कर दिया गया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि रेस्क्यू की गई तीनों पीड़ित महिलाओं का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, लेकिन अभी मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है.अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति और तथ्यों को लेकर स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा.