चारधाम यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है. उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. छह महीने की शीतकालीन बंदी के बाद जैसे ही यह घोषणा हुई, देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बन गया है. बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद यह तिथि तय की गई. मंदिर समिति के अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी औपचारिक घोषणा की.
कब खुलेंगे कपाट ?
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि और समय का निर्धारण बसंत पंचमी के अवसर पर नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राजमहल में आयोजित पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान किया गया. इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना और पंचांग के अवलोकन के बाद निर्णय लिया गया कि 23 अप्रैल की सुबह 6:15 बजे मंदिर के कपाट खोले जाएंगे.
इस धार्मिक समारोह में टिहरी राजपरिवार के महाराजा मनुजेंद्र शाह, राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. पंचांग और महाराजा की कुंडली के आधार पर शुभ मुहूर्त घोषित किया गया. कार्यक्रम में टिहरी की महारानी और टिहरी गढ़वाल से लोकसभा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, बद्रीनाथ मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदिरी, मंदिर समिति के अधिकारी और बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित भी मौजूद थे.
चारधाम की यात्रा की तैयारी शुरू
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की घोषणा के साथ ही चारधाम यात्रा की तैयारियों ने भी रफ्तार पकड़ ली है. उत्तराखंड सरकार और प्रशासन स्तर पर यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और ठहराव सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं.
चारधाम यात्रा के तहत गढ़वाल हिमालय के अन्य प्रमुख धामों की तिथियां भी सामने आ गई हैं. उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर खोले जाएंगे. वहीं रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के दिन घोषित की जाएगी.