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ग्लेशियर टूटने के बाद जोशीमठ में सेना का रेस्क्यू, 384 लोग बचाए गए, 10 की मौत

चमोली जिले के जोशीमठ पर ग्लेशियर टूटने के बाद सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. अभी तक सेना ने यहां 430 लोगों को बचाया है, वहीं 10 लोगों की मौत की सूचना है. छह लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

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सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी (फ़ोटो- स्नेहांशु शेखर)
सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी (फ़ोटो- स्नेहांशु शेखर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
  • कई लोगों के फंसे होने की आशंका
  • वायुसेना के हेलिकॉप्टर से घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश

चमोली में एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ. भारत चीन सीमा के पास स्थित नीती घाटी के सुमना क्षेत्र में आईटीबीपी की बटालियन की पोस्ट के पास ग्लेशियर टूट गया. जिसके बाद यहां अफरा तफरी मच गई.  ग्लेशियर टूटने से यहां बड़ी संख्या में लोग फंस गए, जिन्हें बचाने के लिए सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. अब तक की सूचना के अनुसार सेना ने करीब 384 लोगों को बचा लिया है, जबकि 10 लोगों की मौत की सूचना मिल रही है.

ग्लेशियर हादसे में सात घायलों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से जोशीमठ आर्मी हेलीपैड लाया गया है. जिसमें 6 घायलों को आर्मी हॉस्पिटल जोशीमठ में भर्ती कराया गया है और एक घायल को आर्मी हॉस्पिटल देहरादून रेफर किया गया है. 

आर्मी के अनुसार अभी तक 10 शव हुए बरामद हुए हैं. कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है.  भारतीय सेना के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. सेना के अनुसार सुराई ठोटा से लेकर मलारी क्षेत्र में कई ग्लेशियरों के सड़क पर गिरने की जानकारी है.  दो शव सुबह 7:30 बजे बरामद किए गए, वहीं 9:00 से 10:00 के बीच छह शव बर्फ से बाहर निकाले गए. सुमना में घायलों को जोशीमठ सेना के अस्पताल में वायुसेना के हेलिकॉप्टर से पहुंचाने की कोशिश हो रही है. 

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आर्मी हॉस्पिटल

ग्लेशियर जोशीमठ समुना इलाके में टूटा. यहां पर बीआरओ कैंप में लोग मौजूद थे, बर्फबारी के दौरान हुए हिमस्खलन ये लोग फंस गए, जिन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी किया गया. ये हिमस्खलन सुमना रिमखिम के पास शुक्रवार शाम चार बजे हुआ. बीते पांच दिनों से लगातार भारी बारिश और बर्फबारी हो रही है. चार से पांच जगहों पर सड़क कट गई है. घटनास्थल के पास ही सेना और मजदूरों के कैंप हैं, जो सड़क बनाने के लिए वहां रहते हैं. 

रेस्क्यू ऑपरेशन

वहीं घटना के बाद से उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. सेना के अधिकारियों व सीएम के बीच मामले को लेकर वार्ता जारी है. सीएम ने ट्विटर पर लिखा है कि नीती घाट के सुमना में ग्लेशियर टूटने की सूचना मिली है. इस संबंध में अलर्ट जारी कर दिया गया है. वे निरंतर जिला प्रशासन और बीआरओ के संपर्क में हैं. एनटीपीसी एवं अन्य परियोजनाओं में रात के समय काम रोकने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न होने पाये. 

SDRF घटनास्थल के लिए रवाना 
चमोली की सुमना  पोस्ट से आगे रिमझिम पोस्ट की तरफ ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद बचाव इकाइयां, शासन व प्रशासन तत्काल हरकत में आ गया.  

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रात को मौसम खराब होने व बर्फबारी से मार्ग अवरुद्ध होने के  बाद भी SDRF रेस्क्यू टीम इंस्पेक्टर हरक सिंह राणा के नेतृत्व में रेस्क्यू  के लिए रवाना हुई. जोशीमठ से 31 किलोमीटर आगे रात्रि में ही सुराईथोटा पहुंचे, जहां ग्रीफ का बेस कैंप है.  ग्रीफ कमांडर से संपर्क किया गया.  ग्रीफ बेस कैंप से  31 किलोमीटर आगे  मलारी है और वहां से 16 किलोमीटर आगे सुमना पोस्ट है, जहां ये घटना हुई.

SDRF रेस्क्यू टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर हरक सिंह राणा द्वारा सेटेलाइट फोन के माध्यम से  अवगत कराया गया है कि SDRF की 9 सदस्यीय टीम बर्फबारी से रास्ता अवरुद्ध होने के कारण पैदल भाप कुंड  पहुंची  है. इसके साथ ही SDRF की एक टीम रतूड़ा से जोशीमठ पहुंच गई है. इसके अलावा दो टीमों को मय रेस्क्यू उपकरणों व आवश्यक सामग्री के साथ वाहिनी मुख्यालय व सहस्त्रधारा पोस्ट पर अलर्ट में रखा गया है, जो आवश्यकता पड़ने पर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना होगी.


 

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