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वाराणसी: गंगा में अब चलेंगी ग्रीन बोट्स, खिड़कियां घाट पर बना CNG स्टेशन

वाराणसी में 1800 बोट्स को सीएनजी युक्त किया जाएगा. पहले चरण में 500 डीजल से चलित मोटरबोट्स से इसकी शुरुआत होगी. कुछ ही महीनों बाद सीएनजी रिफिलिंग स्टेशन के शुरू होते ही नावों के कन्वर्शन का दौर भी शुरू हो जाएगा.

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खिड़कियां घाट पर बना सीएनजी स्टेशन
खिड़कियां घाट पर बना सीएनजी स्टेशन

पर्यावरण प्रेमियों और गंगा में नौका विहार करने वालों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है कि अब जल्द ही वाराणसी में गंगा में सीएनजी इंजन से चलित ग्रीन बोट्स देखने को मिलेंगी. यह योजना वाराणसी के खिड़कियां घाट पर बनने वाले सीएनजी रिफिलिंग स्टेशन के साथ ही मूर्त रूप लेने लगी है.

वाराणसी में 1800 बोट्स को सीएनजी युक्त किया जाएगा. पहले चरण में 500 डीजल से चलित मोटरबोट्स से इसकी शुरुआत होगी. कुछ ही महीनों बाद सीएनजी रिफिलिंग स्टेशन के शुरू होते ही नावों के कन्वर्शन का दौर भी शुरू हो जाएगा.

इस बारे में और जानकारी देते हुए वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि जल्द ही वाराणसी के खिड़किया घाट पर गेल इंडिया के सहयोग से सीएनजी रिफिलिंग स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा. जहां से नावों में सीएनजी गैस की रिफलिंग होगी. इसके साथ ही सीएसआर फंड से नावों को डीजल इंजन से सीएनजी इंजन में कन्वर्ट करना शुरू हो जाएगा.

खिड़कियां घाट पर बना सीएनजी स्टेशन

डीएम कौशल राज शर्मा ने कहा कि यह कन्वर्जन 1800 डीजल इंजन चलित मोटोरबोट्स को सीएनजी में क्रमवार बदलकर होगा. यह नाव ग्रीन बोट्स कहलाएंगी. यह पर्यटकों को आकर्षित तो करेंगी ही साथ ही पर्यावरण को भी इससे काफी फायदा होगा. अभी गंगा में डीजल इंजन से चलने वाली मोटरबोट्स से थोड़ा डीजल का रिसाव गंगा में हो जाता है, जिससे गंगा के पारिस्थितिकी पर भी असर पड़ता है.

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जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने आगे बताया कि खिड़किया घाट आने वाले 3 से 4 महीनों में सीएनजी रिफिलिंग स्टेशन शुरू हो जाएगा और तभी से नाव के कन्वर्जन का काम भी शुरू हो जाएगा. सीएनजी इंजन के लिए सारे सर्वे पूरे कर लिए गए हैं. आने वाले नए साल में 500 बोट्स को ग्रीन बोट्स में कन्वर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है और बची हुई नावें अगले साल CNG में कन्वर्ट होंगी.

 

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