उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रिपल तलाक से पीड़िता महिलाओं से बुधवार को संवाद करते हुए कहा कि हिंदू परित्यक्त महिलाओं को भी ऐसा ही न्याय दिलाया जाएगा. सीएम योगी ने कहा कि एक शादी कर दूसरी महिला को रखने वाले हिंदू पुरुषों को दंडित करने का कानून बनाया जाएगा. देश में अलग की गई (परित्यक्त) औरतों की तादाद तलाकशुदा महिलाओं की संख्या से दोगुने से ज्यादा है.
हिंदू महिलाओं की मुश्किल
साल 2011 की जनगणना के मुताबिक 23 लाख महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें बिना तलाक के ही छोड़ दिया गया है. इनमें सबसे ज्यादा संख्या हिंदू महिलाओं की है, जबकि मुस्लिम महिलाओं की संख्या काफी कम है. देश में करीब 20 लाख ऐसी हिंदू महिलाएं हैं, जिन्हें अलग कर दिया गया है और बिना तलाक के ही छोड़ दिया गया है. वहीं, मुस्लिमों में ये संख्या 2 लाख 8 हजार, ईसाइयों में 90 हजार और दूसरे अन्य धर्मों की 80 हजार महिलाएं हैं. ये महिलाएं बिना पति के रहने को मजबूर हैं.
भयावह हैं ये आंकड़े
अगर बिना तलाक के अलग कर दी गईं और छोड़ी गई औरतों की संख्या का औसत देखें, तो हिंदुओं में 0.69 फीसदी, ईसाई में 1.19 फीसदी, 0.67 मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यों (जैन, सिख, पारसी, बौद्ध) में 0.68 फीसदी है. इस तरह से देखा जाए तो मुस्लिमों में बिना तलाक के छोड़ी गई महिलाएं दूसरे धर्म की तुलना में काफी कम है.
न मायके में ठिकाना, न ससुराल में पूछ
इन परित्यक्ता महिलाओं के हालत काफी दयनीय है. ये महिलाओं के दर दर के ठोकरे खाने के लिए मजबूर हैं. इन्हें अपने ससुराल और मायके दोनों जगह मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इनको दोनों जगह से ठुकराया जा रहा है. कोई भी इनको अपनाने तक को तैयार नहीं है. इनकी चिंता न तो सत्ताधारी बीजेपी को है और न ही विपक्षी दलों को. जबकि इन महिलाओं को पति के रहते हुए भी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है.