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नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, ऑस्ट्रेलिया के लोगों से ठगी करने वाले दो गिरफ्तार

नोएडा की फेस 3 थाने की पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने कॉल सेंटर पर छापा मार कर दो संचालकों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में इन लोगों ने खुलासा किया है कि नोएडा में बैठकर यह लोग ऑस्ट्रेलिया के लोगों से लाखों रुपये की ठगी किया करते थे.

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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
पुलिस गिरफ्त में आरोपी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वाहनों का दुर्घटना बीमा दिलवाने नाम पर ठगी
  • नोएडा पुलिस ने ऑस्ट्रेलियन एम्बेसी को दी जानकारी

यूपी के नोएडा की फेस 3 थाने की पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने कॉल सेंटर पर छापा मार कर दो संचालकों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में इन लोगों ने खुलासा किया है कि नोएडा में बैठकर यह लोग ऑस्ट्रेलिया के लोगों से लाखों रुपये की ठगी किया करते थे. पुलिस के आला अफसरों ने आगे इनसे पूछताछ की तो और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने यह बताया है कि वे आस्ट्रेलिया में रहने वाले लोगों के वाहनों के दुर्घटना बीमा दिलवाने नाम पर ठगी करते थे. नोएडा के डीसीपी हरीश चंदर के मुताबिक थाना फेस-3 पुलिस ने एक सूचना के आधार पर बुधवार की रात को सेक्टर 63 के एच-ब्लॉक में मौजूद एक कॉल सेंटर पर छापा मारा था. यहां से पुलिस ने चंद्र मोहन और अविनाश नागर को गिरफ्तार किया है। यह दोनों ही कॉल सेंटर के संचालक हैं। नोएडा का रहने वाला अविनाश नागर कंपनी का डायरेक्टर है जबकि दूसरा आरोपी चंद्र मोहन मधुबनी का रहने वाला है। इनके पास से पुलिस ने 18 कम्प्यूटर, सीपीयू और अन्य टेलीफोन उपकरण भी बरामद किए हैं. 

डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि ये दोनों ही आरोपी नोएडा के सेक्टर 63 में गेट इन टच नाम की कंपनी चलाते हैं. यह कॉल सेंटर है. इन आरोपियों ने अपने कुछ जानकार लोगों के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले तमाम लोगों की गाड़ियों की दुर्घटना से जुड़ा हुआ डेटा हासिल कर लिया था. ये जालसाज कॉल सेंटर के जरिये ऑस्ट्रेलियन नागरिकों के माध्यम से संपर्क करते हैं और उनसे कहते हैं कि उनके दुर्घटनाग्रस्त वाहन का बीमा क्लेम ज्यादा दिलवा देंगे.

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जालसाज उनसे यह कहते थे कि इसके एवज में उन्हें कुछ रकम चाहिए. इस रकम को आरोपी अपने खाते में मंगवा लिया करते थे. पुलिस ने इसकी जानकारी ऑस्ट्रेलियाई दूतावास को भी दे दी है. इन दोनों से पूछताछ की जा रही है कि वे कौन-कौन से ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं जिनको इन्होंने अपना अधिक शिकार बनाया है. पुलिस जल्द ही इनकी पूरी फेहरिस्त तैयार करेगी.

 

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