कुंडा डिप्टी एसपी जिया उल हक हत्याकांड पर सियासी माहौल गरम हो गया है. बहुजन समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मायावती ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है. साथ में यह भी कहा कि का इस्तीफा महज दिखावा है.
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नहीं है. राज्य में पूरी तरह से गुंडाराज है.
बाहुबली नेता पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि एफआईआर दर्ज किए जाने के बावजूद राजा भैया को गिरफ्तार नहीं किया गया. उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए. केंद्र सरकार को इस मामले पर जल्द फैसला करना चाहिए.
मायावती ने मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधने का मौका नहीं चूकीं. उन्होंने कहा कि मुलायम उत्तर प्रदेश चलाने में सक्षम नहीं हैं और वह देश का पीएम बनने का सपना देख रहे हैं.
उधर, समाजवादी पार्टी नेता जया बच्चन ने मायावती पर निशाना साधा है. जया बच्चन ने कहा कि मायावती को कानून व्यवस्था पर बोलने का कोई हक नहीं है. उन्हें अपने शासनकाल को याद करना चाहिए.
इस बीच डिप्टी एसपी जिया उल हक हत्याकांड से गरमाये सियासी माहौल के बीच . विपक्ष और देवरिया की जनता में उपजे आक्रोश के दबाव के चलते सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ये निर्णय लेना पड़ा.
क्या है मामला
प्रतापगढ़ जिले में बलीपुर गांव में शनिवार शाम ग्राम प्रधान और उनके भाई की हत्या की गई थी. इसके बाद भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था. इस हमले में डीएसपी की मौत हो गई. आठ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. पुलिस ने राजा भैया के खिलाफ केस जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद की शिकायत के बाद दर्ज किया.
आजतक के पास शिकायत की वो कॉपी है, जिसे जियाउल हक की पत्नी ने पुलिस के सामने दी है. इस चिट्ठी में साफ साफ लिखा है कि डिप्टी एसपी जियाउलहक की हत्या के आदमियों ने करवाई है. इतना ही नहीं चिट्ठी में ये भी लिखा गया है कि हत्या से पहले जिया उलहक के साथ मारपीट की गई, और बाद में उन्हें तमंचे से गोली मार दी गई. मृतक डिप्टी एसपी की पत्नी के मुताबिक पिछले कई दिनों से जियाउल हक को धमकिया मिल रही थी.