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CM योगी के शहर में नहीं मिली एंबुलेंस, ठेले पर लादकर मरीज को अस्पताल ले गए सिपाही

सीएम के शहर गोरखपुर की यह घटना कैंट थाना क्षेत्र की है. चेतना तिराहे के पास एक अज्ञात युवक बेहोशी के हालत में पड़ा था.

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मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया
मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया

  • सिपाहियों ने मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया
  • एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को किया सम्मानित

योगी सरकार की ओर से जरूरतमंद लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए पूरे प्रदेश में एंबुलेंस सेवा मुहैया कराई जा रही है. लेकिन इस सेवा की जमीनी हकीकत कुछ और ही है. सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर से एक शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. सीएम के शहर गोरखपुर में एंबुलेंस नहीं आने पर एक शख्स को पुलिसवाले ठेले पर लादकर अस्पताल ले जाने को मजबूर हो गए.

कैंट थाना क्षेत्र की घटना

गोरखपुर की यह घटना कैंट थाना क्षेत्र की है. चेतना तिराहे के पास एक अज्ञात युवक बेहोशी की हालत में पड़ा था. इस बीच किसी ने पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद दो सिपाही मौके पर पहुंचे. दोनों सिपाहियों ने 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस बुलाने की कोशिश की. रिस्पॉन्स नहीं मिलने पर आखिरकार दोनों सिपाही खुद उस अज्ञात युवक को लादकर जिला अस्पताल ले गए और उसको भर्ती कराया.

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एसएसपी ने किया सम्मानित

दोनों सिपाहियों ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस से लेकर कई गाड़ियों को रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन जब कोई साधन नहीं मिला तो वे ठेलेवाले को बुलाकर लाए और उस पर युवक को लादकर जिला अस्पताल ले गए. वहीं, इस घटना की जानकारी मिलने पर एएसपी/सीओ कैंट रोहन प्रमोद बोत्रे ने दोनों सिपाहियों को अपने कार्यालय में बुलाकर उनका सम्मान किया.

108 नंबर पर कई बार किया फोन

कैंट थाने की जटेपुर चौकी पर तैनात सिपाही जग प्रसाद चौधरी और दिनेश कुमार ने बताया कि उन्हें एक युवक के घायल होने की सूचना मिली थी. वे जब मौके पर पहुंचे तो 108 नंबर एंबुलेंस मंगाने के लिए कॉल किया. वहां से बताया गया कि एंबुलेंस पहुंचने में थोड़ी देर होगी. उसके बाद उन्होंने कहा कि तब तक तो युवक की मौत हो जाएगी. उसके बाद भी एंबुलेंस नहीं आई तो उन्होंने युवक को ठेला मंगाकर उस पर अस्पताल भिजवाया.  

इधर, एएसपी बोत्रे ने बताया, 'मैं दोनों सिपाही को बधाई देता हूं, जिन्होंने बीमार युवक को अस्पताल पहुंचा कर नेक काम किया है. मेरी आम लोगों से अपील है कि कोई भी घायल अवस्था में दिखे तो उसे बेहिचक अस्पताल पहुंचाने में उसकी मदद करें. ये धारणा छोड़ दें कि उन्हें पुलिसिया कार्रवाई से गुजरना पड़ेगा. पुलिस आप से किसी भी तरह का कोई सवाल जवाब नहीं करेगी.'

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