उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों की जांच स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) करेगी. यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने हिंसक झड़पों पर दर्ज मुकदमों की एसआईटी जांच के निर्देश दिए हैं.
प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने हाल में हुए हिंसक झड़पों पर दर्ज मुकदमों की एसआईटी जांच के निर्देश दिए हैं. हर जिले में एडिशनल एसपी (एएसपी) स्तर का अधिकारी एसआईटी प्रमुख होगा. जिलों में एडिशनल एसपी क्राइम की अध्यक्षता में एसआईटी बनाने के निर्देश दिए गए हैं.
Uttar Pradesh DGP OP Singh orders SIT inquiry into violence which broke out during protests against in the state. (file pic)
— ANI UP (@ANINewsUP)
जिन जिलों में एएसपी क्राइम का पद नहीं है, वहां एएसपी सिटी एसआईटी प्रमुख के तौर पर काम करेंगे. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि बिना सबूत के किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी न की जाए. किसी भी सूरत में निर्दोषों को परेशान न किया जाए.
अब तक 1113 लोग गिरफ्तारः पुलिस
इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी कर दिया. पुलिस के अनुसार, अब तक 327 एफआईआर दर्ज कराए जा चुके हैं. जबकि 1113 लोगों को गिरफ्तार तो वहीं 5558 लोगों को प्रिवेंटिव डिटेंशन में लिया गया है.
पुलिस के अनुसार, राज्य में सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन में अब तक 19 लोग मारे जा चुके हैं. इस प्रदर्शन के दौरान 288 पुलिसकर्मी घायल हुए जिसमें से 61 गोली लगने से घायल हुए.