गाजियाबाद के गरिमा गार्डन में बुधवार को तीन मंजिला मकान भरभराकर गिर गया. गनीमत रही कि हादसे के वक्त उसमें कोई नहीं था. लेकिन मकान गिरने से पिता के अरमानों और मेहनत की कमाई पर पानी फिर गया है. मकान मालिक का कहना है कि उसने अपनी बेटी की शादी के लिए एक-एक पाई जोड़कर सामान खरीदा था, जोकि मकान के मलबे में दब गया है. कई ऐसी चीजें भी थीं जोकि पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं.
गौरतलब है कि गरिमा गार्डन में शालीमार सिटी बिल्डर द्वारा बेसमेंट की खुदाई का काम पिछले 8 से 10 दिनों से चल रहा था. कई लोगों ने मकानों को नुकसान होने की शिकायत भी की थी. वहीं बेसमेंट की खुदाई के पास वाले मकानों में दरार आनी शुरू हो गई. ये देखते हुए सभी मकान में रहे लोगों ने मकान खाली कर दिए. इसके बाद देर शाम तीन मंजिला मकान भरभराकर गिर गया.
अपने मकान में जाने से डर रहे हैं लोग
उधर, आसपास के करीब 15 मकानों में दरारें आ गई हैं. लोग डरे हुए हैं कि वो अपने मकान में कैसे जाएं. मकानों में काफी समान रखा हुआ है. लोग रात में भी घर से बाहर रहने के लिए मजबूर हैं.
बिल्डर की लापरवाही से तबाह हो गए
पीड़ितों का कहना है कि बिल्डर की लापरवाही के चलते हम तबाह हो गए हैं. मकान कब गिर जाएं कुछ पता नहीं. हम लोगों ने कई बार शिकायत की थी कि बिल्डर बेसमेंट की ज्यादा खोदाई ना करे लेकिन उसने एक बार भी नहीं सुना.
नुकसान की भरपाई करे बिल्डर
लोगों का कहना है कि मकान गिर जाने के बाद हम लोग बिल्डर और ठेकेदार से बात करने पहुंचे लेकिन वहां कोई मौजूद ही नहीं था. पुलिस से भी इसकी शिकायत की है. हमारी मांग है कि हमारा जो नुकसान हुआ है बिल्डर उसकी भरपाई करे.