यूपी सरकार ने कैबिनेट में बड़ा फेरबदल करते हुए शनिवार को 12 नए चेहरों को शामिल किया. नौ मंत्रियों का प्रमोशन हुआ. लेकिन इनके बीच एक चेहरा ऐसा भी आया, जिसने सबको चौंका दिया. चौंकाने वाला यह चेहरा है बलवंत सिंह रामूवालिया का, जो पंजाब के मोगा के अकाली नेता हैं. उन्हें भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई.
हैरानी इसलिए भी
चौंकाने वाली बात इसलिए भी है कि रामूवालिया किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. अकाली दल ने उन्हें यूपी का इंचार्ज बनाकर भेजा था. लेकिन उन्होंने शनिवार को ही समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया. एसपी ने भी हाथों-हाथ मंत्री पद का इनाम भी दे दिया. अकाली दल ने उन्हें मौकापरस्त और सत्ता का भूखा बताया है. वहीं, बीजेपी और कांग्रेस ने भी सवाल खड़े किए हैं.
कौन हैं ये रामूवालिया
रामूवालिया पहले देवगौड़ा सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. पंजाब में लोक भलाई पार्टी बना चुके हैं. अकाली दल से मोहाली से चुनाव लड़ चुके हैं. 30 अक्टूबर तक अकाली दल कोर कमेटी के मेंबर भी थे. वह जब केंद्रीय मंत्री बने थे तो एसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने ही उनकी मदद की थी.
किसी को भनक तक नहीं लगी
चौंकाने वाली बात यह भी है कि इस पालाबदल की किसी को भनक तक नहीं लगी. अकाली सुप्रीमो सुखबीर बादल को तो छोड़िए, खुद उनकी बेटी को भी नहीं पता कि यह सब कैसे और कब हुआ. हालांकि रामूवालिया यह जरूर कह रहे हैं कि वह एक दिन पहले ही अकाली दल से इस्तीफा दे चुके हैं.