उत्तर प्रदेश में अपने जमीन, मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए जो लोग 500 और 1000 रूपये के पुराने नोट लेकर रजिस्ट्री ऑफिस गए थे उन्हें बुधवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. ज्यादातर लोगों का काम तो हुआ नहीं, उल्टे उन्हें इधर से उधर भटकना पड़ा.
लोगों की परेशानी का कारण था उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मंगलवार को जारी किया गया एक आदेश जिसमें यह कहा गया था की रजिस्ट्री में 500 और 1000 रूपये के पुराने नोट स्वीकार किए जाएंगे. प्रदेश के तमाम अखबारों ने भी इस खबर को प्रमुखता से छापा था. लेकिन जब लोग बुधवार को रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे तब उन्हें पता चला कि पुराने नोट से वो स्टांप पेपर नहीं खरीद सकते बल्कि सिर्फ रजिस्ट्री फीस के तौर पर अधिक से अधिक ₹20000 चुका सकते हैं.
दरअसल सरकार के आदेश को लेकर खुद रजिस्ट्री विभाग के कार्यालय में भी असमंजस की स्थिति थी. लखनऊ के रजिस्ट्री ऑफिस में मौजूद तमाम वकील, मंगलवार की शाम को जारी किए गए यूपी सरकार के उस आदेश की कॉपी दिखा रहे थे जिसमें यह कहा गया था कि पुराने नोट के बदले स्टांप पेपर और रजिस्ट्री शुल्क अदा किया जा सकता है.
लेकिन जिन लोगों ने पुराने नोट से स्टांप पेपर खरीदने की कोशिश की उन्हें स्टांप नहीं मिले. बाद में अधिकारियों से पूछताछ करने पर पता चला कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने आदेश को थोड़ी देर बाद ही बदल कर एक नया आदेश जारी कर दिया.
नए आदेश में यह कहा गया कि पुराने 500-1000 रुपये के नोट से सिर्फ रजिस्ट्री शुल्क अदा किया जा सकता है लेकिन स्टांप पेपर नहीं खरीदे जा सकते. इस असमंजस का नतीजा यह हुआ कि रजिस्ट्री कराने आए तमाम लोग मायूस होकर लौटे और रजिस्ट्री का कामकाज लगभग ठप ही रहा.