कानपुर शूटआउट का मुख्य आरोपी विकास दुबे अभी भी फरार है. इस बीच शहीद क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा का एक लेटर सामने आया है, जिसमें उन्होंने चौबेपुर के एसएचओ विनय तिवारी और विकास दुबे की मिलीभगत को लेकर तत्कालीन एसएसपी से शिकायत की थी. इस पर वर्तमान एसएसपी दिनेश कुमार ने सफाई दी है.
कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा को जो लेटर वायरल हो रहा है, उसका हमारे ऑफिस के किसी रजिस्टर में जिक्र नहीं है, फिर भी हम उसकी सत्यतता की जांच कर रहे हैं. हैरानी की बात है कि पत्र का रिकार्ड किसी ऑफिस में नहीं मिल रहा है.
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क्या है पूरा मामला
दरअसल, चौबेपुर के एसएचओ विनय तिवारी की सीओ देवेंद्र मिश्रा से बिल्कुल भी नहीं बनती थी. सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा ने एसएसपी को चिट्ठी लिखकर इंस्पेक्टर विनय तिवारी की शिकायत की थी. चिट्ठी में सीओ ने साफ लिखा था कि विनय तिवारी जानबूझकर विकास दुबे के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है.
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शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने साफ लिखा था कि अगर इंस्पेक्टर ने अपनी कार्य प्रणाली नहीं बदली तो गंभीर घटना हो सकती है. ये चिट्ठी मार्च महीने में सीओ देवेंद्र मिश्रा ने लिखी थी, लेकिन उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ. अब जांच के दौरान ये बात सामने आ रही है कि चौबेपुर थाने से ही विकास दुबे को पुलिस की दबिश की खबर दी गई थी.
एसएसपी दिनेश कुमार ने सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और इंस्पेक्टर विनय तिवारी को कॉन्फ्रेंस में लेकर फोन पर बातचीत भी की थी, जिसका ऑडियो वायरल हो रहा है. एसएसपी की पहल का कोई नतीजा नहीं निकला. गुरुवार की रात पुलिस जब बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची तो खुद एसओ विनय तिवारी ने लाइनमैन को फोन करके बिजली कटवा दी.
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बहरहाल यूपी पुलिस ने इंस्पेक्टर विनय तिवारी को सस्पेंड कर दिया. एसटीएफ की टीम अब उसे हिरासत में लेकर बिकरू गांव में हुए शूटआउट में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है. लोगों का कहना है कि अगर एसएसपी ने सीओ की चिट्ठी को गंभीरता से लिया होता तो सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों को अपनी शहादत नहीं देनी पड़ती.