UP News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्कूल बस दुर्घटना में एक बच्चे की मौत के बाद पूरे प्रदेश में स्कूल बसों की चेकिंग का दौर शुरू हो गया है. इटावा में उप संभागीय परिवहन अधिकारी ने शनिवार शाम को स्कूल की बसों की चेकिंग की. इस दौरान, स्कूल बसों में बच्चों के बैठे होने के चलते उन्होंने उनको चिह्नित कर जाने दिया. हालांकि उन्होंने बाद में ऐसी 185 स्कूल बसों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया.
185 स्कूलों को ब्लैक लिस्टेड करने के पीछे उनका अनफिट होना था. कई स्कूल बस मानकों पर खरी नहीं उतरीं. चेकिंग के दौरान उनमें कुछ ना कुछ कमी जरूर पाई गई. ब्लैक लिस्टेड स्कूल बसों को लेकर नोटिस भी जारी किए गए हैं.
एआरटीओ बृजेश यादव ने बताया कि इटावा में 480 स्कूल बसें संचालित है, जिनमें 185 बसों को ब्लैक लिस्टेड किया गया है. इनका स्कूल बस परमिट जारी हुआ था. इन बसों की फिटनेस भी फेल है. इसलिए सभी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है. इन स्कूल बसों के मालिकों को नोटिस भी जारी कर दिया गया है.
चेकिंग के दौरान एआरटीओ ने स्कूल वाहन चालकों की आंखों को भी टेस्ट करवाया. जिसमें कुछ ड्राइवर की नेत्र दृष्टि में कमी पाई गई. जब तक डॉक्टर ऐसे ड्राइवरों को फिट आई टेस्ट का सर्टिफिकेट नहीं देते, तब तक वो स्कूल वाहन नहीं चला पाएंगे. इस दौरान स्कूल बस ड्राइवरों को अपनी आंखों को स्वस्थ रखने के लिए जागरूक किया गया और साथ ही उन्हें जरूरी डॉक्टर सलाह भी दी गई.
गौरतलब है कि 20 अप्रैल को गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में एक 12 साल के बच्चे की एक स्कूल बस में मौत हो गई थी. बच्चा अपने घर से स्कूल बस के जरिए स्कूल के लिए निकाला था. दावा किया गया बस में स्कूल जाते समय बच्चे का सिर सड़क पर खंभे से टकराया जिससे उसकी मौत हो गई थी.
(अमित तिवारी की रिपोर्ट)