दिल्ली के तुगलकाबाद में ढहाए गए संत रविदास मंदिर के पुनर्निर्माण को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया. उत्तर प्रदेश के बांदा में शनिवार को कचहरी में एक सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने मंदिर ढहाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा. मोस्ट युवा जागृति संस्थान के मंडलीय अध्यक्ष योगेंद्र प्रताप सिंह की अगुआई में शनिवार को प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शन के बाद नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया.
सामाजिक संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य दिए, जिसकी वजह से अदालत ने मंदिर ढहाने का आदेश दिया. सरकार को चाहिए कि अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर कर सरकारी खर्चे पर उसी स्थान में मंदिर का निर्माण कराए, ताकि देश में एकता और अखंडता बनी रहे. इसके अलावा संगठन ने ज्ञापन में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद 'रावण' और उनके साथियों की रिहाई की मांग भी की गई है.
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में रविदास मंदिर तोड़े जाने के खिलाफ दलित समाज के लोगों ने रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया था. आंदोलन के बाद इलाके में हिंसा और आगजनी भी हुई. हिंसा के मामले में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर समेत 96 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. वहीं चंद्रशेखर का कहना है कि उन्हें साजिश में फंसाया गया. पुलिस का दावा था कि हिंसा में लगभग 90 पुलिसकर्मी घायल हुए थे.
अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?
इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा था कि जो समाज संत का मान न करे, वह किसी काम का नहीं है. केजरीवाल ने मंदिर के लिए जमीन की मांग भी की थी.