कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए देश में लॉकडाउन लागू है. हालांकि लॉकडाउन के दौरान ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मी नाव पटलने के कारण डूब गए हैं. घटना उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से सामने आई. पुलिसकर्मियों को खोजने के लिए गोताखोरों का अभियान जारी है. तेज हवा और बारिश की वजह से बचाव अभियान में दिक्कत आ रही है.
यह घटना किशनपुर थाना क्षेत्र की है जहां शनिवार शाम संगोलीपुर मडैयन घाट पर यमुना नदी पार करते हुए नाव अनियंत्रित होकर पलट गई. नाव पलटने से उसपर सवार दारोगा और सिपाही समेत तीन लोग डूब गए हैं. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम घाट पर पहुंच गई और गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू कर दी है.
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नाव पर सवार पुलिसकर्मी लॉकडाउन में निगरानी के लिए नाव से बांदा की छोर पर जा रहे थे. किशनपुर थाने में तैनात जौनपुर निवासी दारोगा रामजीत यादव, कासिमाबाद गाजीपुर निवासी सिपाही शशिकांत व संगोलीपुर मडैयन निवासी नाविक रवि के साथ नाव में सवार होकर यमुना घाट से लॉकडाउन की निगरानी करने बांदा सीमा में जा रहे थे.
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यमुना नदी में तेज बहाव होने की वजह से नाव पलट गई. नाव पलटते देखकर घाट पर खड़े लोगों में अफरा तफरी मच गई. घाट किनारे मौजूद सिपाही ने वायरलेस सेट से अफसरों को इस दुर्घटना की सूचना दी. कुछ ही देर में डीएम संजीव सिंह व एसपी प्रशांत वर्मा फोर्स लेकर घटना स्थल पर पहुंच गए. गोताखोरों की टीम देर रात तक जाल डालकर डूबे लोगों की तलाश में जुटी रही.
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सीओ कपिलदेव मिश्र ने कहा कि सरकारी कार्य के लिए दारोगा व सिपाही नाव से लॉकडाउन की निगरानी करने निकले थे लेकिन तेज बहाव की वजह से नाव पलट गई. यमुना नदी में जाल डलवाकर गोताखोरों की मदद से दारोगा, सिपाही व नाव चालक की तलाश कराई जा रही है.
यमुना नदी में तीन जाल डलवाए गए हैं. पीएसी भी बुलाई गई है, जिससे कि दारोगा, सिपाही व नाविक का पता लगाया जा सके. पुलिस के साथ पीएसी के गोताखोरों को भी बुलाया गया है. हालांकि गरज के साथ बारिश शुरू हो जाने से बचाव अभियान में दिक्कत आ रही है.