बीते साल गोकशी की सूचना पर बुलंदशहर के स्याना कोतवाली क्षेत्र में भड़की हिंसा में जान गंवाने वाले सुमित की गांव चिंगरावठी में मूर्ति स्थापित की गई है. सुमित के परिजनों ने दिवाली पर अपने निजी परिसर में उनकी प्रतिमा स्थपित की है. वहीं, सुमित के पिता ने शासन-प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. साथ ही उन्होंने 3 दिसंबर को धर्म परिवर्तन और आत्मदाह की भी चेतावनी दी है.
सुमित के पिता ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया था जांच के बाद शहीद इंस्पेक्टर सुबोध के समान हमें भी सहायत मिलेगी, लेकिन 11 महीने बाद भी कोई सहायता नहीं मिली है.
हम सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. बल्कि मेरे बेटे के खिलाफ उल्टा इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या का केस दर्ज कर लिया गया, जबकि सुमित की इंस्पेक्टर से पहले हत्या हो गई थी.
बता दें कि घटना के बाद सुमित के हाथों में पत्थर होने का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद शासन ने सुमित के परिजनों को आर्थिक मदद देने से इनकार कर दिया था.
गौरतलब है कि 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के एक खेत में गोकशी की आशंका के बाद बवाल शुरू हुआ. जिसकी शिकायत मिलने पर सुबोध कुमार पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे थे. इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही थी, इतने में ही तीन गांव से करीब 400 लोगों की भीड़ ट्रैक्टर-ट्राली में कथित गोवंश के अवशेष भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास पहुंच गई और जाम लगा दिया था.
इसी दौरान भीड़ जब उग्र हुई तो पुलिस ने काबू पाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े और जल्द ही वहां फायरिंग भी होने लगी, जिसमें सुबोध कुमार घायल हो गए और सुमित जख्मी हो गया था. इस बीच सुबोध कुमार को अस्पताल ले जाने से रोका गया और उनकी कार पर जमकर पथराव भी किया गया था. बाद में जांच में सामने आया था कि सुबोध कुमार के सिर में गोली लगी थी, जिस कारण उनकी मौत हुई थी.