आगरा में एक महापंचायत ने एक दुष्कर्मी व्यक्ति पर फैसला सुनाते हुए दुष्कर्मी के पूरे परिवार का बहिष्कार का फरमान सुना दिया. उक्त व्यक्ति पर आठ वर्ष की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने का आरोप है.
पंचायत ने अपने फैसले में कहा कि दुष्कर्मी व्यक्ति के परिवार को सिंचाई के लिए पानी तथा ट्रैक्टर नहीं दिया जाना चाहिए. इस आदेश की अवहेलना करने वाले पर 21,000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा.
पंचायत के इस फैसले पर कोई कानूनी बाध्यता तो नहीं हो सकती, लेकिन कचौरा की पंचायत ने परिवार पर गाने और नृत्य करने पर भी पाबंदी लगा दी है. शैलेंद्र उर्फ चिंटू ने 25 अप्रैल को कथित तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी.
कई गांवों के निवासियों नेबैठक की तथा कई घंटों तक चली गर्मागर्म बहस के बाद पंचायत ने यह कठोर फैसला सुनाया. पंचायत के इस फरमान की नाफरमानी करने वालों को दंडित करने के लिए एक 33 सदस्यीय निरीक्षण समिति का गठन भी किया गया है.
गांव के पूर्व प्रधान उत्तम सिंह ने कहा, 'इस इलाके में ऐसे अपराध कभी नहीं हुए. हम दोषी को सजा देकर मिसाल कायम करना चाहते हैं.'