तेलंगाना के निजामाबाद से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद अरविंद धर्मपुरी ने AIMIM नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. ओवैसी आज शुक्रवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ निजामाबाद में जनसभा करने वाले हैं लेकिन स्थानीय बीजेपी सांसद धर्मपुरी इस जनसभा का विरोध कर रहे हैं.
बीजेपी सांसद अरविंद धर्मपुरी ने कहा, 'असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि सीएए सांप्रदायिक और असंवैधानिक है. वह एक सार्वजनिक सभा को संबोधित नहीं कर सकते क्योंकि तेलंगाना नगरपालिका चुनावों से पहले निजामाबाद में एक आचार संहिता लागू है. मैंने जिला कलेक्टर, चुनाव आयोग और पुलिस को लिखा है.'
ओवैसी को जेल भेज दिया जाएः सांसदArvind Dharmapuri, BJP MP from Nizamabad, Telangana: Asaduddin Owaisi is coming there to divide the country. Does he want to fight for people who are coming from Bangladesh & Pakistan? He's acting as an anti-national. He should be booked for sedition and sent behind bars forever. https://t.co/3SY66lnSw3
— ANI (@ANI) December 27, 2019
बीजेपी सांसद अरविंद धर्मपुरी ने कहा, 'असदुद्दीन ओवैसी देश को विभाजित करने के लिए यहां आ रहे हैं. क्या वह बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले लोगों के लिए लड़ना चाहते हैं? वह एक राष्ट्र-विरोधी के रूप में काम कर रहे हैं. उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए और उसे हमेशा के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया जाना चाहिए.'
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ आज शुक्रवार को निजामाबाद में प्रदर्शन होने वाला है. इसकी अगुवाई ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी करेंगे. इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का भी विरोध होगा.
प्रदर्शन से पहले CM राव से मिले ओवैसी
हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, जिनमें वामपंथी और सत्तारूढ़ टीआरएस के लोग भी शामिल होंगे, को भी संबोधित करेंगे. निजामाबाद में आज शाम 6 बजे यह प्रदर्शन होगा.
इससे पहले सांसद ओवैसी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद ओवैसी ने कहा था कि 27 दिसंबर को निजामाबाद में ऑल पार्टी प्रोटेस्ट मीट बुलाई जाएगी. मुख्यमंत्री केसीआर ने भी इस पर सहमति जताई थी.
ओवैसी ने कहा कि नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली पार्टियों से केसीआर बातचीत भी कर सकते हैं.