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ओवैसी को योगी की चेतावनी- BJP की सरकार आई तो हैदराबाद से भागना पड़ेगा

रविवार को तेलंगाना में राजनीतिक सरगर्मी तेज रही जहां बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, असदुद्दीन ओवैसी और योगी आदित्यनाथ ने अपनी सभा में जमकर विरोधियों पर निशाना साधा.

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असदुद्दीन ओवैसी और योगी आदित्यनाथ (फोटो-आजतक आर्काइव)
असदुद्दीन ओवैसी और योगी आदित्यनाथ (फोटो-आजतक आर्काइव)

तेलंगाना में 7 दिसंबर को होने वाले मतदान से पहले सियासी बयानबाजी अपने चरम पर है. एक तरफ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी कांग्रेस और बीजेपी पर लगातार हमला बोल रहे हैं. तो वहीं चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो ओवैसी को निजाम की तरह हैदराबाद छोड़कर भागना होगा.

योगी के इस बयान पर ओवैसी ने ट्वीट करके अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि शाम 7 से 10 बजे तक होने वाले हर जलसे में मेरा जवाब सुनो. ओवैसी हैदराबाद की गोशामहल सीट पर टीआरएस के लिए वोट मांग रहे हैं.

बता दें, विकाराबाद के तंदूर में एक रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि बीजेपी सत्ता में आती है तो मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ओवैसी को तेलंगाना छोड़कर वैसे ही भागना पड़ेगा जैसे निजाम हैदराबाद छोड़कर भागे थे.

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योगी का यह बयान बीजेपी के विधायक राजा सिंह द्वारा कुछ दिन पहले दिए गए उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वे ओवैसी का सिर धड़ से अलग करने के बाद ही संतुष्ट होंगे. इससे पहले सैदाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा था कि मदरसों और मुस्लिमों के धार्मिक स्थलों को बंद करने का प्रयास हो रहा है और वे (सरकार) हमें (मुस्लिम समुदाय) देखना नहीं चाहते.

ओवैसी ने कहा कि AIMIM को हराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार हैदराबाद आ रहे हैं, जबकि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पांच बार आ चुके हैं. वो (सरकार) हमारी (मुस्लिम समुदाय) आवाज उसी तरह खत्म करना चाहते हैं जैसा उन्होंने यूपी और बंगाल में किया.

वहीं नारायणपेट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि इस बार तेलंगाना की लड़ाई त्रिकोणीय है. एक तरफ टीआरएस और के चंद्रशेखर राव हैं, जिन्होंने तेलंगाना को AIMIM के सामने घुटने टिका दिए, तो दूसरी तरफ कांग्रेस, जिसने सिद्धू को पाकिस्तान के सेना प्रमुख से गले मिलने के लिए भेजा और तीसरी तरफ राष्ट्रवादी हैं जिनका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं.

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