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हैदराबाद में ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, 20 लाख की MDM के साथ दो विदेशी गिरफ्तार

हैदराबाद में पुलिस की कार्रवाई में दो नाइजीरियाई नागरिकों को 150 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया है. अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से भारत में रह रहे थे. पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेजा है, जबकि दूसरे के डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. दोनों आरोपियों को भारत में दोबारा प्रवेश से रोकने के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा.

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पकड़े गए विदेशी तस्कर (Photo: Screengrab)
पकड़े गए विदेशी तस्कर (Photo: Screengrab)

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. हैदराबाद सिटी नारकोटिक्स एनफोर्समेंट विंग और टॉलीचौकी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 150 ग्राम एमडीएमए (MDMA) बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए आईपीएस वैभव गायकवाड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चिडी इज़ेह उर्फ नागेश्वरन (42) और ओबासी जेम्स विक्टर (38) के रूप में हुई है. 

अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का खुलासा

दोनों आरोपी वर्तमान में नई दिल्ली में रह रहे थे और गुप्त सूचना के आधार पर टॉलीचौकी थाना क्षेत्र से पकड़े गए. पुलिस ने उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि एक आरोपी अंतरराज्यीय ड्रग सप्लायर है और उसका नाम पहले भी हैदराबाद, अम्बरपेट और गोवा में दर्ज कई एनडीपीएस मामलों में सामने आ चुका है. साल 2019 के एक मामले में जेल से रिहा होने के बाद वह दिल्ली चला गया था, जहां से वह एमडीएमए और कोकीन की सप्लाई हैदराबाद, बेंगलुरु और नई दिल्ली के ड्रग पेडलरों तक करता था.

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एक आरोपी जेल, दूसरा डिपोर्ट होगा

जांच एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया है कि दोनों आरोपी भारत में वीज़ा अवधि समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से रह रहे थे. चिडी इज़ेह ने पुलिस को चकमा देने के लिए फर्जी नाम से भारतीय पहचान पत्र भी हासिल कर लिया था, जिसकी जांच अब अलग से की जा रही है. पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इन फर्जी दस्तावेजों को बनवाने में और कौन लोग शामिल थे.

कार्रवाई के बाद चिडी इज़ेह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि ओबासी जेम्स विक्टर के खिलाफ एफआरआरओ (FRRO) और नाइजीरियाई दूतावास की मदद से डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को भारत में दोबारा प्रवेश से रोकने के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा.

 

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इनपुट - कृष्णा तेजा
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