तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम में सनसनीखेज मामला सामने आया है. बर्गमपाड पुलिस ने दो युवकों को अपने दोस्त की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अरेस्ट किया है. आरोप है कि दोनों ने करीब दो करोड़ रुपये की बीमा राशि हड़पने के लिए इस वारदात की साजिश रची थी. गिरफ्तार आरोपियों में एक प्राइवेट बैंक का कर्मचारी है.
पुलिस के मुताबिक, 14 फरवरी की रात बर्गमपाड मंडल के मोथे गांव के पास कट्टा यशवंत सड़क किनारे घायल हालत में मिला था. शुरुआत में इसे सड़क दुर्घटना माना गया. उसे पहले भद्राचलम के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाद में हालत गंभीर होने पर खम्मम के एक अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है.
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया, जब यशवंत की मौसी मुलिसेट्टु रामा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आशंका जताई कि यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हमला है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

जांच के दौरान शक गन्नावरम निवासी कट्टा साई दीपक और उसके दोस्त भद्राचलम निवासी कोंडा भानु प्रकाश पर गया. मंगलवार शाम दोनों को सरपाका में कार से जाते समय गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि भानु प्रकाश प्राइवेट बैंक में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर है.
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पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नवंबर 2025 में आरोपियों ने यशवंत के नाम से एक बीमा पॉलिसी ली थी, जिसमें साई दीपक को नामिनी बनाया गया था. इसके लिए उसने खुद को यशवंत का रिश्तेदार बताया था. पुलिस का आरोप है कि 14 फरवरी की रात दोनों आरोपी यशवंत को मोथे गांव के पास ले गए, उसे शराब पिलाई और जब वह स्कूटर पर बैठने की कोशिश कर रहा था, तब पीछे से लोहे की रॉड से हमला कर दिया.
वारदात को हादसे का रूप देने के लिए आरोपियों ने उसके दोपहिया वाहन को सड़क से नीचे फेंक दिया और उसे घायल हालत में छोड़कर फरार हो गए.
सब-इंस्पेक्टर मेडा प्रसाद के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वे यशवंत की मौत के बाद बीमा की रकम हासिल करना चाहते थे.
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस बीमा दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है.