उस ऐतिहासिक दिसंबर को याद कीजिए, जब दिल्ली में एक लड़की से हुई दरिंदगी के खिलाफ भीषण जनज्वार फूटा था और उसकी आंच समूचे देश ने महसूस की थी.
हम उस देश में रहते हैं जो रेप की घटनाओं के खिलाफ फेसबुक-ट्विटर पर लिखता है और जब गुस्सा बढ़ता है तो तख्तियां या कैंडल लेकर सड़कों पर भी उतरता है.
लेकिन रेप की शिकार लड़कियों को लेकर हमारी मानसिकता क्या है? हम सड़कों पर उतरने को तो तैयार हैं, पर क्या उन लड़कियों को स्वीकार करने को तैयार है? क्या हम रेप पीड़िताओं से शादी करने को तैयार हैं?
यह सवाल कुछ पढ़े-लिखे लोगों से पूछा गया तो जो जवाब मिले उन्हें आपको भी सुनना चाहिए. यूट्यूब पर यह वीडियो खूब देखा जा रहा है.