उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में हो रहे बजरंग दल के सालाना शौर्य प्रशिक्षण शिविर में आतंकियों को एक खास मजहब का दिखाने पर सवाल खड़े हो गए हैं. शिविर में कार्यकर्ताओं को हिंदुओं की रक्षा करने के नाम पर हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है. इसमें आतंकियों के तौर पर दिखाए गए युवकों के सिर पर मुस्लिम टोपी है.
एमआईएम नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा है कि अगर कोई मुस्लिम संगठन ऐसा करेगा तो क्या होगा?
ओवैसी ने कहा- बहुत कम जवाब मिलेंगे
मजलिस ए इत्तहादुल मुसलमिन अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद ट्वीट कर सवाल उठाया कि मुस्लिम संगठन अगर आर्म्स ट्रेनिंग कैंप चलाएंगे तो क्या होगा? इसके बेहद कम जवाब होंगे.
What will be the reaction if Muslim Organisation holds such arms training camps answer Skies will fall to say least
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi)
यूपी के कई जिलों में बजरंग दल के ट्रेनिंग कैंप
अयोध्या में आयोजित किए गए में कार्यकर्ताओं को राइफल, तलवार और लाठियां चलाने की ट्रेनिंग दी गई. इसके बाद 5 जून को सुल्तानपुर, गोरखपुर, पीलीभीत, नोएडा और फतेहपुर में भी इस तरह के कैंप लगाए जाने वाले हैं.
बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद का हिस्सा है. युवकों का यह दल धर्म से जुड़े मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाता है.
Bajrang Dal conducts its annual self defence camps in Ayodhya (UP)
— ANI UP (@ANINewsUP)