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पश्चिम बंगाल में स्कूल ड्रेस पर कमल का फूल, TMC के विरोध के बाद हटाया

स्कूल की टीचर इंचार्ज ने कहा कि अब हम इसकी जगह सर्व शिक्षा मिशन का लोगो इस्तेमाल करेंगे. उन्होंने कहा, जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनमें तृणमूल कांग्रेस के काउंसलर भी शामिल हैं.

विरोध के बाद स्कूल ने कमल हटाने का फैसला लिया विरोध के बाद स्कूल ने कमल हटाने का फैसला लिया

  • विरोध के बाद स्कूल ने कमल हटाने का फैसला लिया
  • 11-12 सालों से लोगो का हो रहा इस्तेमाल

पश्चिम बंगाल के एक स्कूल की ड्रेस में कमल के फूल पर कुछ लोगों ने ऐतराज जताया है. 24 परगना रानिया में मौजूद प्राइमरी स्कूल की यूनिफॉर्म पर तृणमूल कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया है. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने ड्रेस पर से कमल के फूल को हटाने का फैसला लिया है. टीचर इंचार्ज बिजली दास ने कहा कि हम पिछले 11-12 सालों से इस लोगो का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि कमल हमारा राष्ट्रीय फूल है.

उन्होंने कहा कि अब हम इसकी जगह सर्व शिक्षा मिशन का लोगो इस्तेमाल करेंगे. उन्होंने कहा, जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनमें तृणमूल कांग्रेस के काउंसलर भी शामिल हैं. स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के माता पिता ने कमल के लोगो पर कोई आपत्ति नहीं जताई है. वहीं कुछ छात्रों के माता-पिता ने भारतीय जनता पार्टी के साथ स्कूल से जुड़े होने को लेकर शिकायत की है.

नियमों के अनुसार, स्कूल यूनिफॉर्म में मोटो होता है और स्कूल इसके बगल में अपने स्वयं के लोगो का उपयोग करने का हकदार है. लोगो को पंजीकृत किया जाना चाहिए और इसका उपयोग बर्तन और अन्य संबंधित सामग्री पर भी किया जाना चाहिए. लेकिन अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने कमल के लोगो का उपयोग केवल यूनिफॉर्म पर किया. हालांकि स्कूल प्रिंसिपल ने गलती को स्वीकार किया है.

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बीजेपी का कहना है उसे इसके बारे में नहीं पता है. विरोध कर रहे अभिभावकों में से एक, रेखा सेनगुप्ता ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र राजनीति से मुक्त होना चाहिए. यह राजनीति करने की जगह नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में उन्होंने यूनिफॉर्म पर कमल का लोगो देखा. बीजेपी का प्रतीक कमल है. इसे तुरंत यूनिफॉर्म से हटा दिया जाना चाहिए.

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