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विएना: हिंसक झड़प के बाद सिख ग्रंथी की मौत

वियना में गुरूद्वारे में दो धार्मिक गुटों के बीच हुए संघर्ष में गोलीबारी के शिकार एक भारतीय ग्रंथी की सोमवार तड़के मौत हो गयी. इस संघर्ष में करीब 30 लोग घायल भी हुए थे.

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वियना में एक गुरूद्वारे में दो प्रतिद्वंद्वी धार्मिक गुटों के बीच हुए संघर्ष में गोलीबारी के शिकार एक भारतीय ग्रंथी की सोमवार तड़के मौत हो गयी. इस संघर्ष में करीब 30 लोग घायल भी हुए थे.

आस्ट्रिया की यात्रा पर आए दो भारतीय ग्रंथियों में से एक 56 वर्षीय ग्रंथी संत रामनंद की अस्पताल में मौत हो गयी. वियना स्थित गुरूद्वारे में कल दो गुटों के बीच संघर्ष में छुरों और कम से कम एक बंदूक का भी इस्तेमाल किया गया. पुलिस प्रवक्ता ने यह जानकारी दी.

प्रवक्ता ने बताया डाक्टर ने कहा था कि आपात आपरेशन के बाद वह अपने मरीज की हालत से संतुष्ट है. लेकिन आधी रात के बाद (भारतीय समयानुसार तीन बजकर 30 मिनट पर) मरीज की चेतना लुप्त हो गयी और कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया.

संघर्ष में घायल दूसरे ग्रंथी 66 वर्षीय संत निरंजन दास की हालत स्थिर बतायी जाती है. प्रवक्ता ने बताया कि ये दोनों ग्रंथी श्री गुरू रविदास सभा आंदोलन से संबंधित हैं. भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे गुरूद्वारे में संघर्ष छिड़ गया और जिस समय भारत से आए ग्रंथी गुरूद्वारे में प्रवचन दे रहे थे. हमलावरों ने छुरे और बंदूक निकाल ली। गुरूद्वारे में करीब दो सौ लोग जमा थे.

पुलिस के अनुसार प्रवचन सुन रहे कुछ लोगों ने हमलावरों पर काबू पा लिया. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमलावर पीली और नीले रंग की पगड़ियां पहने थे.

पुलिस प्रवक्ता माइकल टेकास ने आस्ट्रियाई रेडियो को बताया छह लोग प्रवचन से सहमत नहीं हुए. एक ने हथियार निकाल लिया और बाकियों ने चाकू. इन छह लोगों पर समुदाय के सदस्यों ने काबू पा लिया लेकिन संघर्ष में कुछ लोग घायल हो गए.

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