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उन्नाव रेप पीड़िता की तबीयत में सुधार नहीं, वकील की हालत भी नाजुक

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है कि उन्नाव रेप पीड़िता और उनके वकील की हालत नाजुक बनी हुई है, लेकिन फिलहाल स्थिर है. पीड़िता को न्यूमोनिया हो गया है, जिससे उनको बुखार आ रहा है.

एक्सीडेंट में बुरी तरह जख्मी होने के बाद पीड़िता की हालत गंभीर एक्सीडेंट में बुरी तरह जख्मी होने के बाद पीड़िता की हालत गंभीर

उन्नाव रेप पीड़िता और उनके वकील की हालत नाजुक बनी हुई है. एक्सीडेंट में बुरी तरह जख्मी होने के बाद दोनों को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती कराया गया था, जहां दोनों का इलाज चल रहा है. पीड़िता और  वकील को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रखा गया है.

केजीएमयू की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है कि रायबरेली में एक्सीडेंट की शिकार हुई पीड़िता और वकील की हालत नाजुक बनी हुई है, लेकिन स्थिर है. फिलहाल पीड़िता को वेंटिलेटर पर रखा गया है. पीड़िता को न्यूमोनिया भी  हो गया है, जिससे बुखार आ रहा है. पीड़िता के ब्लड प्रेशर को नियमित रखने की दवा दी जा रही है.

केजीएमयू के मीडिया प्रभारी संदीप तिवारी ने मेडिकल बुलेटिन में बताया कि पीड़िता के वकील बिना वेंटिलेटर के सांस ले रहे हैं. हालांकि अभी पीड़िता और वकील दोनों ही बेहोशी की हालत में हैं. दोनों का इलाज एक्सपर्ट चिकित्सकों की टीम कर रही है. वहीं, सीबीआई की टीम ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर पीड़िता और वकील के परिजनों से मुलाकात की.

आपको बता दें कि उन्नाव रेप पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी. इस हादसे में पीड़िता और उनके वकील बुरी तरह जख्मी हो गए थे. साथ ही पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी. इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है.

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को एक्सीडेंट की जांच 7 दिन में पूरी करने का आदेश दिया था. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मामले में सख्त रुख अख्तियार करते हुए उन्नाव रेप पीड़िता से जुड़े सभी केस को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था. शीर्ष कोर्ट ने उन्नाव रेपकांड का ट्रायल 45 दिन में पूरा करने का आदेश दिया था. इसके साथ ही सरकार से पीड़िता को 25 लाख रुपये दिलवाए थे.

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