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फोन टैपिंग केस में होगी कार्रवाई: रिजिजू

गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू से कथित एस्सार फोन टैपिंग मामले में सरकार की ओर से आगे की जाने वाली कार्रवाई के बारे में 'आज तक' की ओर से सवाल-जवाब किया गया.

गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू

गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू से कथित एस्सार फोन टैपिंग मामले में सरकार की ओर से आगे की जाने वाली कार्रवाई के बारे में 'आज तक' की ओर से सवाल-जवाब किया गया. पढ़िए रिजिजू ने क्या कहा है और इस संबंध में क्या कदम उठाए जा सकते हैं.

सवाल- फोन टैपिंग का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें बड़े कॉरपोरेट्स से लेकर मंत्रियों और पीएमओ अधि‍कारियों के फोन टैप किए गए. गृह मंत्रालय को मामला दिया गया है, जांच कैसे की जाएगी?
रिजिजू- गृह मंत्रालय के अधीन चीजें आई हैं तो जो सही कदम है, उसको उठा सकते हैं. अभी मैं आपको कुछ बताऊंगा तो वह सही नहीं रहेगा. कैसे करेंगे का जो सवाल है, उसके खुलासे का यह वक्त नहीं है. जो अच्छे कदम हैं, सही कदम हैं वो तो उठाने ही हैं.

सवाल- ये जो कॉरपोरेट वॉर है और जिस ढंग से नीतियों के बारे में जानने की कोशि‍श एस्सार ग्रपु ने की है, क्या यह ठीक है? ऐसे बिजनेस घरानों के खिलाफ क्या कार्रवाई होनी चाहिए?
रिजिजू- आपने सही कहा यह बहुत गंभीर बात है, इसीलिए तो संज्ञान में लिया है. गंभीर नहीं होता तो संज्ञान में नहीं लेते. लेकिन क्या करेंगे यह बात तो मैं अभी नहीं बोल सकता हूं.

सवाल- लेकिन जो लोग दोषी हैं, जो इसमें शामिल हैं, उनके खि‍लाफ कार्रवाई तो करेंगे?
रिजिजू- यही तो, इसकी छानबीन करके जब चीजें सामने आएंगी, तभी तो बता पाऊंगा कि सरकार क्या करेगी. मैं घोषणा कर दूं कि सरकार यह काम करने जा रही है, तो यह ठीक नहीं रहेगा.

सवाल- जांच किससे करवाने की सोच रहे हैं, सीबीआई से या एसआईटी से?
रिजिजू- जांच के बारे में अभी मत पूछिएगा, क्योंकि अभी मैं नहीं बोल सकता हूं.

सवाल- तो जल्द ही जांच किसी एजेंसी को दी जाएगी?
रिजिजू- देखिए संज्ञान में लाया है. गृह मंत्रालय के अधीन कोई चीज आई है. उसके बाद क्या प्रक्रिया हो सकती है, इसको लेकर मुझे घोषणा करने की आवश्यकता नहीं है.

सवाल- कानून को और मजबूत करने की जरूरत है. टैपिंग के मामले में जहां लूप होल्स हैं, ऐसी चीजों को लेकर सरकार क्या सोच रही है?
रिजिजू- देखिए यह जो टेक्नोलॉजी से संबंधि‍त मामले होते हैं. इसमें नई-नई तकनीक आती रहती है. सरकार भी रिएक्ट करेगी. जो चीजें कानून बनाते वक्त नहीं थीं, जो संभावना ही नहीं थी, वह आज हो रहा है. धीरे-धीरे उसी हिसाब से काम भी करना होगा.

सवाल- कानून को और मजबूत किया जा सकता है, नए कानून बनाए जा सकते हैं, इसके हिसाब से?
रिजिजू- कानून समय-समय पर नया तो बनाता ही है. हिसाब से काम करेंगे. जैसे मैंने कहा कि कानून बनाते वक्त कुछ चीजों की जानकारी नहीं होती है. आगे जाकर उसमें संशोध‍न करते हैं. उसको नए कानून के रूप में लाते हैं.

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