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पीयूष गोयल को रेलकर्मी की चिट्ठी- अफसरों ने बनाया बंधुआ मजदूर

पिछले साल सितंबर में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अधिकारियों को अपने जूनियर कर्मचारियों से घरेलू काम नहीं कराने का निर्देश दिया था और कहा था कि जो अधिकारी ऐसा करना जारी रखेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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रेल मंत्री पीयूष गोयल
रेल मंत्री पीयूष गोयल

सरकारी महकमों से आए दिन ग्रुप डी के कर्मचारियों की ओर अफसरों के लिए निजी काम करने की शिकायतें आती हैं. ऐसा ही एक मामला अब देश के सबसे बड़े सरकारी विभाग रेलवे से आया है. उत्तरी रेलवे के लखनऊ मंडल में काम करने वाले ट्रैकमैन धर्मेंद्र कुमार ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को लिखी एक चिट्ठी में कहा है कि वह और उनके सहकर्मी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के घर का निर्माण कार्य नहीं करेंगे और सिर्फ रेलवे के लिए ही काम करेंगे.

रेलवे में वरिष्ठ अधिकारियों के लिए 'बंधुआ मजदूर’ के तौर पर काम करने की औपनिवेशिक परंपरा के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए ट्रैकमैन ने यह चिट्ठी रेल मंत्री को लिखी है.

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गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अधिकारियों को अपने जूनियर कर्मचारियों से घरेलू काम नहीं कराने का निर्देश दिया था और कहा था कि जो अधिकारी ऐसा करना जारी रखेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

घरेलू काम की इजाजत नहीं

अधिकारियों ने बताया कि मंत्री के आदेश के बाद से गैंगमैन, ट्रैकमैन समेत करीब ग्रुप डी के 10 हजार रेल कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों के घर से निकाला गया और उन्हें फिर से सुरक्षा और रख-रखाव कार्य में लगाया गया. जाहिर है, धर्मेंद कुमार और उनके 5 सहकर्मी उनमें शामिल नहीं हैं.

ट्रैकमैन कुमार ने 13 जुलाई को लिखी एक चिट्ठी में मंत्री को बताया कि उनके वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर राजकुमार वर्मा ने उन्हें और पांच अन्य ट्रैकमैन को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में स्थित रेलवे जिला मुख्यालय से करीब 500 मीटर की दूरी पर अपने निजी घर के निर्माण कार्य में लगाया था.

नहीं करेंगे अफसर की सेवा

पत्र में कहा गया है कि अधिकारी ग्रेड- 4 के कर्मचारियों के साथ बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार करते हैं. उन्होंने रेलवे का काम करने के लिए नौकरी की है न कि अपने वरिष्ठ अधिकारियों की सेवा करने के लिए. अधिकारी ने इन कर्मियों को पिछले महीने अपने घर के निर्माण कार्य में लगा दिया, जब धर्मेंद्र ने मना किया तो अधिकारी की ओर से निलंबित करने की धमकी दी गई.

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एजेंसी के मुताबिक धर्मेंद्र ने वरिष्ठ अधिकारियों सी भी इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. धर्मेंद्र ने निर्माण स्थल पर काम कर रहे रेलवे कर्मचारियों की एक वीडियो भी शूट किया है, जिसे उन्होंने रेल मंत्री को भेजे शिकायत पत्र के साथ अटैच भी किया है.

मंत्री से एक्शन की अपील

धर्मेंद्र ने कुमार ने कहा, ‘मुझे धमकी दी जा रही है लेकिन मैं परेशान होने वाला नहीं हूं. मैं उनका घर बनाने में उनकी कैसे मदद कर सकता हूं जब देश में ट्रेन के पटरी से उतरने की इतनी ज्यादा घटनाएं हो रही हैं? मैं चाहता हूं कि मंत्री इसपर सख्य कदम उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि हमारे जैसे कर्मचारियों के साथ इस तरह का बर्ताव न किया जाए.’

इस मामले पर उत्तरी रेलवे के प्रवक्ता नितिन चौधरी ने बताया, ‘मंडल रेल प्रबंधक ने इस मामले में एक जांच का आदेश दिया है. जांच को लखनऊ मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी संचालित करेंगे. जांच में अगर किसी को दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.'

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