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शनि शिंगणापुर मंदिर विवाद से जुड़ी 10 खास बातें

शनि शिंगणापुर मंदिर में 400 साल से किसी महिला को शनिदेव के चबूतरे पर जाकर तेल चढ़ाने की इजाजत नहीं थी.

महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में आखिरकार 400 साल बाद महिलाओं को प्रवेश की अनुमति मिल गई. मंदिर में प्रवेश के अधिकार के लिए महिलाओं ने न सिर्फ सड़क पर उतर कर आंदोलन किया बल्कि कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया. आखिरकार महिलाओं का आंदोलन सफल रहा.

ये हैं शनि शिंगणापुर मंदिर जुड़ी खास बातें-

1. शनि शिंगणापुर मंदिर में 400 साल से किसी महिला को शनिदेव के चबूतरे पर जाकर तेल चढ़ाने की इजाजत नहीं थी.
2. 19 दिसंबर को भूमाता ब्रिगेड की तृप्ति देसाई ने चबूतरे पर जाने की कोशिश की, जिसका गांव के लोगों ने विरोध किया.
3. तृप्ति देसाई ने 26 जनवरी 2016 को मंदिर के चबूतरे पर जाकर परंपरा तोड़ने का ऐलान किया.
4. 26 जनवरी को मंदिर से कुछ दूर पहले ही भूमाता ब्रिगेड को रोक लिया गया और कई महिलाओं को हिरासत में लिया गया.
5. 27 जनवरी को तृप्ति देसाई ने राज्य के मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की अपील की.
6. 28 जनवरी को एक महिला ने बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच में याचिका दायर करके मंदिर में महिलाओं को प्रवेश देने की मांग की.
7. 30 मार्च को हाई कोर्ट ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा.
8. 1 अप्रैल को हाई कोर्ट ने आदेश जारी किया कि कोई भी महिलाओं को पूजा करने से रोक नहीं सकता. ये उनका अधिकार है.
9. 3 अप्रैल को हाई कोर्ट की अनुमति के बावजूद महिलाओं को मंदिर में घुसने से रोका गया.
10. 8 अप्रैल को शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट ने सभी को मंदिर में पूजा करने की इजाजत दे दी.

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